सर्बानंद सोनोवाल ने LPG वाहक जहाज ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ के साहसी चालक दल से बातचीत की

केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भारतीय ध्वज वाले एलपीजी वाहक जहाज ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ के चालक दल के साहसी सदस्यों से संवाद किया। उन्होंने रसोई गैस जैसे महत्वपूर्ण कार्गो का सुरक्षित परिवहन सुनिश्चित करने में चालक दल द्वारा दिखाए गए साहस और अटूट कर्तव्यनिष्ठा के लिए उनका राष्ट्र की ओर से आभार व्यक्त किया।

कल मंगलवार को यह संवाद वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित किया गया, जिसमें पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के सचिव विजय कुमार, महानिदेशक (नौवहन) श्याम जगन्नाथन, शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक कैप्टन बी. के. त्यागी, ‘शिवालिक’ के कैप्टन सुखमीत सिंह एवं उनके दल के सदस्य तथा ‘नंदा देवी’ के कैप्टन धीरज कुमार अग्रवाल अपने दल के साथ शामिल हुए।

नाविकों को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि यह संवाद उच्च जोखिम वाले समुद्री वातावरण में कार्य करते हुए महत्वपूर्ण एलपीजी आपूर्ति की सुरक्षित डिलीवरी सुनिश्चित करने वाले चालक दल के प्रति “राष्ट्र की हार्दिक कृतज्ञता की अभिव्यक्ति” है।

इस दौरान, केन्द्रीय मंत्री ने उल्लेख किया कि दोनों जहाज भारत की ओर अपनी यात्रा जारी रखने से पहले बढ़ी हुई सुरक्षा चिंताओं के बीच लगभग दो सप्ताह तक उच्च जोखिम वाले क्षेत्र में तैनात रहे। सोनोवाल ने कहा कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी क्रू ने असाधारण धैर्य, सतर्कता और पेशेवर दक्षता का परिचय दिया।

सोनोवाल ने कहा, “नाविक वैश्विक व्यापार के गुमनाम नायक हैं। अपने घरों और परिवारों से दूर रहकर आप यह सुनिश्चित करते हैं कि आवश्यक सामान सुरक्षित रूप से अपने गंतव्य तक पहुंचे।” उन्होंने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को बनाए रखने में समुद्री कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।

केंद्रीय मंत्री ने आगे जोर देते हुए कहा कि भारतीय ध्वज वाले इन दोनों जहाजों की सफल यात्रा, जिनका संचालन पूरी तरह भारतीय समुद्री कर्मियों द्वारा किया गया, भारत के समुद्री कार्यबल की शक्ति और दृढ़ता को दर्शाती है।

सोनोवाल ने कहा कि नाविकों के परिवारों का सहयोग भी सराहानीय है। उनके परिवार उनकी निष्ठा एवं सेवा के पीछे एक महत्वपूर्ण आधार स्तंभ हैं। दोनों जहाजों के मास्टर्स, अधिकारियों और क्रू को बधाई देते हुए केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि उनकी यह उपलब्धि पेशेवर दक्षता और प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण है। सोनोवाल ने उनके भविष्य की सुरक्षित समुद्री यात्राओं की कामना की। 

 

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