‘विकसित भारत’ 2047 की राह में एसबीआई निभाएगा अहम भूमिका: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण  

देश का सबसे बड़ा पब्लिक सेक्टर बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) अपने परिचालन के 70 वर्ष पूरे करने का जश्न मना रहा है। बैंक की बैलेंस शीट 66 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गई है और ग्राहकों की संख्या 52 करोड़ से अधिक हो गई है।  

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एसबीआई को राष्ट्र की सेवा के 70 वर्ष पूरे करने पर बधाई दी

इस अवसर पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एसबीआई को राष्ट्र की सेवा के 70 वर्ष पूरे करने पर बधाई देते हुए कहा, “23,000 से अधिक ब्रांच, 78,000 कस्टमर सर्विस पॉइंट्स (सीएसपी) और 64,000 एटीएम के साथ आज एसबीआई की स्थिति बहुत अच्छी है और यह वास्तव में हर भारतीय का बैंक है।”

वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले दशक में बैंक द्वारा डिजिटल परिवर्तन ग्राहकों के लिए बेहद फायदेमंद रहा है

वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले दशक में बैंक द्वारा डिजिटल परिवर्तन ग्राहकों के लिए बेहद फायदेमंद रहा है। बैंक ने 1.5 करोड़ किसानों, महिलाओं द्वारा संचालित 1.3 करोड़ स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी), पीएम स्वनिधि योजना के तहत 32 लाख स्ट्रीट वेंडर्स, 23 लाख एमएसएमई और विभिन्न योजनाओं के तहत लाखों कारीगरों को सहायता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बैंक के पास 15 करोड़ से अधिक जन धन खाते, 14.65 करोड़ पीएम सुरक्षा बीमा योजना, 1.73 करोड़ अटल पेंशन योजना और 7 करोड़ पीएम जीवन ज्योति बीमा योजना के लाभार्थी हैं।

मुझे यकीन है कि एसबीआई 2047 तक ‘विकसित भारत’ की ओर देश की यात्रा में इनोवेशन और सशक्तिकरण जारी रखेगा

उन्होंने आगे कहा, “मुझे यकीन है कि एसबीआई 2047 तक ‘विकसित भारत’ की ओर देश की यात्रा में इनोवेशन और सशक्तिकरण जारी रखेगा।” एसबीआई 1955 में अपनी स्थापना के बाद से भारत के शुरुआती विकास लक्ष्यों का समर्थन करने से लेकर डिजिटल और ग्रीन इकोनॉमी की प्रेरक शक्ति के रूप में विकसित हुआ है। एसबीआई के एक बयान के अनुसार, भारत के रिन्यूएबल एनर्जी ट्रांजिशन में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए एसबीआई के सोलर रूफटॉप कार्यक्रम का लक्ष्य वित्त वर्ष 2027 तक चार मिलियन घरों को सौर ऊर्जा से लैस करना है, जिससे भारत के नेट जीरो 2070 लक्ष्यों को आगे बढ़ाया जा सकेगा।

भारत विकास और अवसर के एक नए युग में कदम रख रहा है

एसबीआई के चेयरमैन सी.एस. सेट्टी ने कहा, “भारत विकास और अवसर के एक नए युग में कदम रख रहा है, इसी के साथ एसबीआई बैंकिंग के भविष्य की नींव रख रहा है, जो कि अपने मूल में डिजिटल, अपनी पहुंच में समावेशी और अपने प्रभाव में सस्टेनेबल है।” उन्होंने 1 जुलाई 1955 की प्रेस विज्ञप्ति को दोहराते हुए कहा, “हमारी नीति, हमेशा की तरह, हमारे ग्राहकों और पूरे देश के हितों को आगे बढ़ाने के आदर्श से निर्देशित होगी।”(इनपुट-आईएएनएस)

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