भारत-कनाडा व्यापार समझौते पर तेज हुई वार्ता, साल के अंत तक डील फाइनल करने की कोशिश

भारत और कनाडा के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) पर बातचीत तेज हो गई है। दोनों देश साल के अंत से पहले एक पारस्परिक रूप से लाभकारी समझौते को अंतिम रूप देने के प्रयास कर रहे हैं। ग्लोबल अफेयर्स कनाडा ने मंगलवार को जारी बयान में बताया कि कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू ने इस सप्ताह नई दिल्ली में वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात की। यह बैठक भारत में टीम कनाडा व्यापार मिशन के दौरान हुई।

सीईपीए पर चर्चा और प्रगति की समीक्षा

मंत्रियों ने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते के लिए चल रही वार्ता पर विस्तार से चर्चा की। यह बातचीत ओटावा में 5 से 9 अक्टूबर तक हुए पांचवें दौर की वार्ता को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से की गई। ग्लोबल अफेयर्स कनाडा ने कहा, “दोनों देश पारस्परिक रूप से लाभकारी समझौते को अंतिम रूप देने के लिए अपने प्रयासों को तेज कर रहे हैं।” बयान में मतभेदों का उल्लेख नहीं किया गया और न ही अगले दौर की तारीख घोषित की गई। यह सिद्धू और गोयल के बीच मई 2025 के बाद नौवीं बैठक थी। इससे पहले मिल्वौकी में जी-20 व्यापार मंत्रियों की बैठक के दौरान भी दोनों ने चर्चा की थी।

तीन दशकों का सबसे बड़ा कनाडाई व्यापार मिशन

सिद्धू ने व्यापार मिशन का समर्थन करने के लिए गोयल को धन्यवाद दिया। 12 से 17 अक्टूबर तक चलने वाले इस मिशन में करीब 300 प्रतिनिधि शामिल हैं। यह तीन दशकों से अधिक समय में भारत आने वाला कनाडा का सबसे बड़ा व्यापार प्रतिनिधिमंडल है। प्रतिनिधिमंडल मुंबई और बेंगलुरु में निवेश के अवसरों और वाणिज्यिक साझेदारियों की तलाश कर रहा है। कनाडाई कंपनियां ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, एयरोस्पेस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में संभावनाएं तलाश रही हैं।

व्यापार लक्ष्य और रणनीतिक महत्व

ओटावा के अनुसार, यह समझौता कनाडा की इंडो-पैसिफिक रणनीति और अमेरिका के बाहर निर्यात बढ़ाने के उद्देश्य को समर्थन देता है। कनाडा सरकार ने 2030 तक भारत के साथ वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर 70 अरब डॉलर करने का लक्ष्य रखा है। यह 2025 में हुए 30.4 अरब डॉलर के व्यापार से दोगुने से भी अधिक होगा। भारत के लिए यह समझौता कनाडाई बाजारों तक बेहतर पहुंच और ऊर्जा, खनिजों, प्रौद्योगिकी जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग मजबूत करने का मौका दे सकता है।

मौजूदा व्यापार आंकड़े

2025 में कनाडा से भारत को माल निर्यात 3.9 अरब डॉलर रहा, जिसमें सब्जियां, खनिज ईंधन-तेल और लकड़ी का गूदा प्रमुख रहे। भारत से कनाडा आयात 9.7 अरब डॉलर तक पहुंचा, जिसमें कीमती पत्थर-धातुएं, मशीनरी और औषधीय उत्पाद मुख्य श्रेणियां थीं। यह वार्ता दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव के बाद संबंधों को फिर से मजबूत करने की व्यापक कूटनीतिक कोशिशों का हिस्सा है। आर्थिक सहयोग अब इस प्रयास का अहम स्तंभ बनकर उभरा है। (इनपुट-एजेंसी)