Print

फेड के फैसले से पहले भारतीय बाजार में बिकवाली, सेंसेक्स-निफ्टी लाल निशान में

कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच आईटी और बैंकिंग शेयरों में भारी बिकवाली के चलते हफ्ते के तीसरे दिन बुधवार को भी भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ लाल निशान में खुला। इस दौरान प्रमुख बेंचमार्कों सेंसेक्स और निफ्टी 50 में एक प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। यह लगातार सातवां दिन है जब बाजार में गिरावट देखने को मिली है।

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, भू-राजनीतिक अनिश्चितता और आज बाद में अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत फैसले से पहले निवेशकों की सतर्कता ने भी बाजार के सेंटिमेंट पर नकारात्मक प्रभाव डाला, जिसके चलते 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 345.23 अंक यानी 0.46 प्रतिशत गिरकर 73,253.44 पर खुला, जबकि निफ्टी 50 71.75 अंक यानी 0.32 प्रतिशत गिरकर 22,678.00 पर खुला। वहीं, बैंक निफ्टी सूचकांक 181.65 अंक यानी 0.34 प्रतिशत गिरकर 53,793.25 पर खुला।

वहीं, दिन के कारोबार में एक समय सेंसेक्स अपने पिछले बंद 73,598.67 से 826.19 अंक यानी 1.12 प्रतिशत फिसलकर 72,772.48 के दिन के निम्नतम स्तर पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 50 अपने पिछले बंद 22,749.75 से 209.05 अंक यानी 0.91 प्रतिशत गिरकर 22,540.70 के निम्नतम स्तर पर पहुंच गया।

व्यापक बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला, निफ्टी मिडकैप 100 में 0.41 प्रतिशत की गिरावट और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.6 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

वहीं, सेक्टरवार देखें तो निफ्टी आईटी, निफ्टी के सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में रहे, सिवाय निफ्टी ऑटो के, जिसमें 0.36 प्रतिशत की बढ़त देखी गई। निफ्टी आईटी और एफएमसीजी सबसे ज्यादा गिरने वाले इंडेक्स रहे, जिनमें क्रमशः 3.2 प्रतिशत और 1.63 प्रतिशत की गिरावट आई।

निवेशक यूएस फेडरल रिजर्व के नीतिगत फैसलों और कंपनियों की तिमाही नतीजों पर नजर रखेंगे। इन चीजों का असर पूरे सत्र के दौरान बाजार की दिशा और उतार-चढ़ाव (वोलैटिलिटी) पर पड़ सकता है।

एशियाई बाजारों की बात करें तो, चीन का शंघाई इंडेक्स 0.87 प्रतिशत और शेन्ज़ेन इंडेक्स 2.19 प्रतिशत ऊपर रहा। जापान का निक्केई 1.26 प्रतिशत और हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स 0.38 प्रतिशत बढ़ा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 6.2 प्रतिशत ऊपर रहा।

अमेरिकी बाजार कल रात हरे निशान में बंद हुए; नैस्डैक में 1.18 प्रतिशत, एसएंडपी 500 में 0.6 प्रतिशत और डाउ जोंस में 0.03 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

27 अक्टूबर को, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 4,240 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 1,250 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। (इनपुट-आईएएनएस)

RELATED ARTICLES

9 mins ago | BRESE 2026

प्रधानमंत्री 2 नवंबर को भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन और एक्सपो का करेंगे उद्घाटन, 130 से अधिक देशों की भागीदारी की उम्मीद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्...

36 mins ago | democratic values

लोकतंत्र में मतभेद हों, लेकिन आपसी सम्मान और गरिमा बनी रहे: ओम बिरला

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार को लोकतंत्र में विचारों और दृष्टिकोणों की भिन्नता के बावजूद ...

54 mins ago | Cyber Security

इंटरनेट ने बदली दुनिया की तस्वीर, संचार से कारोबार तक हर क्षेत्र में बढ़ा प्रभाव

इंटरनेट आज आधुनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार, बैंकिंग, संचार औ...