केंद्र सरकार ने कहा है कि कौशल भारत मिशन के तहत देशभर में कौशल विकास पारितंत्र को लगातार मजबूत किया जा रहा है। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई), जन शिक्षण संस्थान (जेएसएस), राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन योजना (एनएपीएस) और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के माध्यम से युवाओं को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप कौशल, पुनःकौशल और कौशलोन्नयन प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह जानकारी कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
ग्रामीण और आकांक्षी जिलों तक बढ़ाया जा रहा प्रशिक्षण नेटवर्क
सरकार ने बताया कि ग्रामीण, जनजातीय और आकांक्षी जिलों सहित देशभर में प्रशिक्षण सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। इसके तहत प्रशिक्षण अवसंरचना को मजबूत करने, अल्पसेवित क्षेत्रों तक पहुंच बढ़ाने और राज्य कौशल विकास मिशनों के माध्यम से कौशल विकास कार्यक्रमों को सुदृढ़ किया जा रहा है।
पीएमकेवीवाई 4.0 में भविष्य के कौशल पर विशेष जोर
सरकार के अनुसार, पीएमकेवीवाई 4.0 को स्किल इंडिया डिजिटल हब (सिद्ध) के माध्यम से लागू किया जा रहा है। योजना के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स, क्लाउड कंप्यूटिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) और ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसे उभरते क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही उद्योग की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण, मानकीकृत मूल्यांकन, प्रमाणन और गुणवत्ता आश्वासन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
1.11 करोड़ से अधिक उम्मीदवार हुए प्रमाणित
सरकार ने बताया कि वित्त वर्ष 2015-16 से 2022-23 तक पीएमकेवीवाई 1.0, 2.0 और 3.0 के तहत 1.11 करोड़ से अधिक उम्मीदवारों को प्रमाणित किया गया। इनमें से अल्पकालिक प्रशिक्षण (एसटीटी) घटक के तहत 24.38 लाख उम्मीदवारों के नियोजित होने की जानकारी मिली। वहीं पीएमकेवीवाई 4.0 के तहत रोजगार की निगरानी के बजाय अभ्यर्थियों को विभिन्न करियर विकल्पों के लिए मार्गदर्शन और अभिमुखीकरण पर जोर दिया जा रहा है।
योजनाओं पर 14,500 करोड़ रुपए से अधिक खर्च
सरकार के अनुसार, स्थापना से 30 जून 2026 तक पीएमकेवीवाई के तहत 10,591.32 करोड़ रुपए, जन शिक्षण संस्थान (जेएसएस) के तहत 1,057.58 करोड़ रुपए और राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन योजना (एनएपीएस) के तहत 2,924.52 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं।
पीएमकेवीवाई 4.0 से रोजगार और आय में सुधार
सरकार ने बताया कि अरुण जेटली राष्ट्रीय वित्तीय प्रबंधन संस्थान द्वारा किए गए स्वतंत्र प्रभाव मूल्यांकन में पीएमकेवीवाई 4.0 के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, प्रशिक्षण से पहले अल्पकालिक प्रशिक्षण (एसटीटी) उम्मीदवारों में रोजगार और स्वरोजगार का संयुक्त प्रतिशत 26.6% था, जो प्रशिक्षण के बाद बढ़कर 45.4% हो गया। वहीं 41.4% एसटीटी और 48.9% पूर्व अधिगम मान्यता (आरपीएल) उम्मीदवारों ने प्रशिक्षण के बाद अपनी आय में वृद्धि दर्ज की।
उद्योग की जरूरतों के अनुरूप तैयार हो रहा कौशल पारितंत्र
सरकार ने बताया कि उद्योगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए 36 सेक्टर स्किल काउंसिल गठित की गई हैं और 10,209 योग्यताओं को मंजूरी दी गई है। साथ ही एआई, ड्रोन, रोबोटिक्स, मेकाट्रॉनिक्स, साइबर सुरक्षा और 5जी जैसी नई तकनीकों से जुड़े पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। आईबीएम, माइक्रोसॉफ्ट, सिस्को, एडब्ल्यूएस और अन्य वैश्विक कंपनियों के साथ साझेदारी के माध्यम से आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
60,000 करोड़ रुपए की पीएम-सेतु योजना पर भी काम
सरकार ने बताया कि 60,000 करोड़ रुपए के निवेश से प्रधानमंत्री कौशल विकास एवं रोजगार क्षमता परिवर्तन (पीएम-सेतु) योजना शुरू की गई है। इसके तहत देशभर के 1,000 सरकारी आईटीआई का उन्नयन किया जाएगा। योजना का उद्देश्य उद्योग आधारित प्रशिक्षण, रोजगार क्षमता, स्वरोजगार और उद्यमशीलता को बढ़ावा देना है। (इनपुट: पीआईबी)


