भारत में होने वाले ब्रिक्स समिट 2026 से पहले दक्षिण अफ्रीका के हाई कमिश्नर अनिल सूकलाल ने सोमवार को कहा कि यह समिट दुनिया भर के नेताओं का एक बड़ा जमावड़ा होगा और कई मोर्चों पर “फायदेमंद” रहने की उम्मीद है।
सभी नेताओं की मौजूदगी का रणनीतिक महत्व
सूकलाल ने बताया कि इस हफ्ते सभी ब्रिक्स नेताओं के नई दिल्ली में मौजूद रहने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि उनकी मौजूदगी वैश्विक माहौल में इस समूह के रणनीतिक महत्व का अहम संकेत है। उन्होंने स्पष्ट कहा, “भारत में होने वाला समिट कई मोर्चों पर फायदेमंद रहेगा… यह एक अहम समिट है। हमें जानकारी मिली है कि सभी ब्रिक्स नेता इस हफ्ते दिल्ली में होंगे, और यह अपने आप में इस बात का अहम संकेत है कि वैश्विक माहौल के लिहाज से यह समूह कितना रणनीतिक महत्व रखता है।”
पीएम मोदी, चीनी राष्ट्रपति और रूसी राष्ट्रपति समेत तमाम बड़े नेताओं का जमावड़ा
उच्चायुक्त ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा समेत कई बड़े नेताओं की भागीदारी पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “पीएम मोदी की अध्यक्षता में दिल्ली में राष्ट्रपति शी, राष्ट्रपति पुतिन, राष्ट्रपति रामफोसा और अन्य नेताओं का इकट्ठा होना; यह सिर्फ ‘ग्लोबल साउथ’ के ही नहीं, बल्कि दुनिया के बड़े नेताओं का एक अहम जमावड़ा है।”
ग्लोबल साउथ को वैश्विक मंच पर मजबूती
ब्रिक्स के विकास पर बात करते हुए सूकलाल ने कहा कि इस समूह ने ‘ग्लोबल साउथ’ को वैश्विक भू-राजनीतिक माहौल में सबसे आगे ला खड़ा किया है। उन्होंने बताया, “पहली बार, वैश्विक मंच पर ‘ग्लोबल साउथ’ का एक मजबूत समूह बना है। ब्रिक्स के उदय ने ‘ग्लोबल साउथ’ के देशों को वैश्विक भू-राजनीतिक माहौल में एक अहम हिस्से के तौर पर सामने लाया है, ताकि वे सिर्फ ‘ग्लोबल साउथ’ के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे वैश्विक समुदाय के फायदे के लिए मिलकर काम कर सकें।”
18वें ब्रिक्स समिट की तैयारियां
ये बयान ऐसे समय आए हैं जब सबकी नजरें भारत पर टिकी हैं। ब्रिक्स के 2026 के अध्यक्ष के तौर पर भारत इस हफ्ते 12-13 सितंबर को राजधानी के भारत मंडपम में 18वें ब्रिक्स समिट की मेजबानी करेगा। इस समिट में सदस्य और सहयोगी देशों के नेताओं के साथ-साथ आउटरीच के लिए आमंत्रित देशों के नेता भी शामिल होंगे।
थीम: लचीलापन, इनोवेशन, सहयोग और सस्टेनेबिलिटी
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता “लचीलेपन, इनोवेशन, सहयोग और सस्टेनेबिलिटी के लिए निर्माण” (Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability) थीम पर आधारित है। यह थीम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विजन को दर्शाती है जिसमें लोगों को केंद्र में रखा गया है और जिसकी बुनियाद “मानवता सबसे पहले” (Humanity First) की भावना पर टिकी है। दिल्ली में होने वाला यह समिट वैश्विक सहयोग और ग्लोबल साउथ की आवाज को और मजबूत करने का महत्वपूर्ण मंच साबित होने वाला है। (इनपुट-एजेंसी)


