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श्रीनगर का लाल चौक तिरंगे से सराबोर, पर्यटकों ने ‘तनावपूर्ण’ अतीत से आए बदलाव का किया स्वागत

जम्मू-कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर का ऐतिहासिक लाल चौक शनिवार को उत्सव के माहौल में डूबा नजर आया, जहां प्रसिद्ध घंटाघर के सामने सैकड़ों पर्यटकों ने देश का 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाया।

इस अवसर पर श्रीनगर के इस मुख्य चौराहे पर बड़ी संख्या में पर्यटक एकत्र हुए। एक समय अलगाववादी विमर्श का प्रतीक रहा लाल चौक पूरी तरह से तिरंगे से सराबोर था।

मुंबई से पहली बार आईं पर्यटक नेत्रा गुर्जर ने न्यूज़ एजेंसी से कहा, “मैं पहली बार कश्मीर आई हूं। हम सात दिनों से कश्मीर में हैं और लाल चौक पर हमारा पहला दौरा है। देखा जाए तो यह पहली बार है, जब हम (अपने घर से दूर) किसी अन्य स्थान पर स्वतंत्रता दिवस का जश्न मना रहे हैं।” गुर्जर ने बताया कि उनका परिवार लाल चौक के माहौल को महसूस करना चाहता था और वे बिल्कुल निराश नहीं हुए।

उन्होंने भावुक होकर कहा, “कश्मीर पहले की तुलना में बहुत बदल गया है। यहां आने से पहले हम डरे हुए थे, लेकिन यहां आने के बाद सारा डर गायब हो गया है। यह सुरक्षित है, बहुत अच्छा है और यहां का बुनियादी ढांचा बहुत बेहतरीन है।”

वहीं, पुणे की एक अन्य पर्यटक आयशा शेख ने इस यात्रा को सपना सच होने जैसा बताया। उन्होंने कहा, “इस लाल चौक पर आना, जहां पंडित जवाहरलाल नेहरू ने झंडा फहराया था, हमारे लिए एक सपना था। अगर हम कश्मीर आते हैं, तो हमें लाल चौक जरूर आना चाहिए।” शेख ने कहा कि मीडिया में कई तरह की आशंकाएं जताई जाती थीं कि कश्मीर सुरक्षित नहीं है, लेकिन उन्हें ऐसा कुछ महसूस नहीं हुआ।

उन्होंने कहा, “यह पूरी तरह से सुरक्षित है। स्थानीय लोग बहुत अच्छे हैं, सेना बहुत सहयोगी है और पर्यटकों के लिए कश्मीर एकदम सुरक्षित है।” ‘वंदे मातरम्’ के नारों की गूंजने के बीच शेख ने कहा कि उन्हें इससे ज्यादा गर्व कभी महसूस नहीं हुआ। उन्होंने कहा, “वंदे मातरम दिल से निकलता है, यह कहते हुए कि यह मेरा देश है, यह मेरा राष्ट्र है और यह मेरा गर्व है। हम भारतीय हैं, भारतीय ही रहेंगे और भारत की मिट्टी में ही समाएंगे। इसलिए हमें पाकिस्तानी भी नहीं कहा जाना चाहिए। हम भारतीय हैं और गर्व से कहते हैं कि हम भारतीय हैं।”

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज की पीढ़ी विभाजन में विश्वास नहीं रखती और यहां कोई हिंदू-मुस्लिम मुद्दा नहीं है।

स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाने के लिए अधिकारियों ने लोगों के लिए ‘सेल्फी पॉइंट’ सहित व्यापक इंतजाम किए थे। गुजरात के अहमदाबाद से आए पर्यटक सूरज भट्ट ने इस पल का गवाह बनने पर खुशी जाहिर की। घाटी की चौथी बार यात्रा कर रहे भट्ट ने कहा, “यहां भारी भीड़ है… बहुत अच्छा लग रहा है। यहां का माहौल ऊर्जा और उत्साह से भरा है और लाल चौक पर आकर बहुत खुशी हो रही है।” (PTI)

 

 

 

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