वैश्विक झटकों से भारत को उबारने में राज्यों की अहम भूमिका: निर्मला सीतारमण

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि केंद्र और राज्य सरकारों के बीच सहयोग, कारोबार से जुड़ी प्रक्रियाओं को आसान बनाने और उद्योगों के साथ लगातार बातचीत से भारत वैश्विक चुनौतियों के बावजूद मजबूत आर्थिक विकास बनाए रखने में सफल रहा है।

एक इंटरव्यू में वित्त मंत्री ने कहा कि कारोबार को आसान बनाने के लिए राज्यों ने भी केंद्र सरकार के प्रयासों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उन्होंने कहा कि कई राज्य आगे आए हैं और उन्होंने अपने स्तर पर ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बेहतर बनाने के लिए कदम उठाए हैं।

1,000 से ज्यादा कानून हटाए गए

सीतारमण ने कहा कि सरकार ने नागरिकों और कारोबारियों पर नियमों के पालन का बोझ कम करने के लिए कई कदम उठाए हैं। इसके तहत कानूनों में सुधार किया गया, नियमों को सरल बनाया गया और पुराने एवं अप्रासंगिक कानूनों को हटाया गया।

उन्होंने बताया कि 1,000 से ज्यादा कानून हटाए गए हैं और करीब 40,000 नियमों को सरल बनाया गया है।

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार लगातार उद्योग जगत, कंपनियों और व्यापारिक संगठनों के साथ बातचीत कर रही है, ताकि उनकी समस्याओं को समझकर जरूरी सुधार किए जा सकें।

व्यापार समझौतों और निवेश पर जोर

सीतारमण ने कहा कि भारत आर्थिक गतिविधियों और निवेशकों का भरोसा बढ़ाने के लिए द्विपक्षीय व्यापार समझौते कर रहा है। इसके साथ ही सरकार निवेश संरक्षण समझौतों को भी आगे बढ़ा रही है।

उन्होंने कहा कि विदेशों में रहने वाले भारतीयों की ओर से भारत में निवेश और बैंकों में विदेशी मुद्रा जमा बढ़ना भी देश के आर्थिक आधार और बैंकिंग प्रणाली में भरोसे का संकेत है।

वित्त मंत्री ने हाल में बढ़े FCNR बैंक डिपॉजिट का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विदेशों से जमा और निवेश का आना भारतीय बैंकिंग व्यवस्था और देश की व्यापक अर्थव्यवस्था में लोगों के भरोसे को दर्शाता है।

पहली तिमाही में 7.8% आर्थिक वृद्धि

भारत की अर्थव्यवस्था ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। सीतारमण ने कहा कि वैश्विक स्तर पर लगातार बनी चुनौतियों के बीच यह प्रदर्शन उत्साहजनक है।

उन्होंने कहा कि यह वृद्धि भारतीय नागरिकों की मेहनत का नतीजा है और बाहरी चुनौतियों के बावजूद अर्थव्यवस्था का मजबूत प्रदर्शन संतोषजनक है।

सीतारमण के मुताबिक, पहली तिमाही में विनिर्माण क्षेत्र में 9.2 प्रतिशत और वित्तीय एवं पेशेवर सेवाओं में 12.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

देश का विदेशी मुद्रा भंडार करीब 700 अरब डॉलर बताया गया है।

वित्त मंत्री ने उम्मीद जताई कि पहली तिमाही के मजबूत आंकड़ों से पूरे वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि को मजबूती मिलेगी। उन्होंने आने वाली तिमाहियों में भी इसी तरह की वृद्धि बनाए रखने का भरोसा जताया।

सीतारमण इस समय ऐशविल में आयोजित G20 वित्त मंत्रियों की बैठक में हिस्सा ले रही हैं। बैठक से इतर उन्होंने अमेरिका, पोलैंड, कतर, दक्षिण कोरिया और रूस के प्रतिनिधियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी की हैं।

-(इनपुटः IANS)

RELATED ARTICLES

5 hours ago

पीएम मोदी सेमीकॉन इंडिया 2026 का करेंगे उद्घाटन, 52 देशों की 600 से अधिक कंपनियां और प्रतिनिधि भाग लेंगे

पीएम मोदी सुबह लगभग 10 बजे नई दिल्ली के यशोभूमि में सेमीकॉन इंडिया 2026 का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर प...

6 hours ago

पीएम मेमेंटोज की ई-नीलामी के 8वें संस्करण की शुरुआत की, दो युद्धपोत के मॉडल समेत 1,500 स्मृति चिह्न शामिल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेंट किये गए भगवान राम के प्रतीक चिह्न, राधा-कृष्ण की सोने की परत व...