कैलेंडर वर्ष 2025 के आखिरी और सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में खुला और प्रमुख बेंचमार्कों में अच्छी बढ़त देखने को मिली।
शुरुआती कारोबारी सत्र में खबर लिखे जाने तक 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 215 अंक यानी 0.25 प्रतिशत की उछाल के साथ 84,890 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। तो वहीं एनएसई निफ्टी 66.95 (0.26 प्रतिशत) अंकों की बढ़त के साथ 26,005.80 पर ट्रेड करता नजर आया। इस दौरान निफ्टी के सभी इंडेक्स हरे निशान में कारोबार कर रहे थे।
इसी के साथ निफ्टी 50 इंडेक्स लगातार 10वें साल बढ़त के साथ साल खत्म करने की ओर बढ़ रहा है। अब तक इसमें करीब 10 प्रतिशत की तेजी आ चुकी है। वहीं, सेंसेक्स इस साल लगभग 8.3 प्रतिशत ऊपर है।
व्यापक बाजार की बात करें, तो निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.58 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.52 प्रतिशत ऊपर रहा।
वहीं सेक्टर के हिसाब से देखें, तो बुधवार को निफ्टी मेटल इंडेक्स सबसे आगे रहा और इसमें 1 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी देखने को मिली। इसके अलावा निफ्टी मीडिया और निफ्टी केमिकल्स भी बढ़त वाले सेक्टर रहे।
सेंसेक्स पैक में टाटा स्टील, बीईएल, ट्रेंट, पावर ग्रिड, एक्सिस बैंक, टाइटन, एचयूएल और एनटीपीसी टॉप गेनर्स वाले शेयर रहे। तो वहीं बजाज फिनसर्व, टीसीएस, एमएंडएम, बजाज फाइनेंस, इटरनल और भारती एयरटेल टॉप लूजर्स वाले शेयरों में शामिल रहे।
एक्सपर्ट ने कहा कि तकनीकी तौर पर देखा जाए तो निफ्टी 50 अभी एक अच्छे कंसोलिडेशन फेज में है और लंबी अवधि का ट्रेंड अब भी सकारात्मक है। निफ्टी के लिए इमीडिएट सपोर्ट 25,750-25,800 के बीच है, जबकि रेजिस्टेंस 26,050–26,100 के पास है। अगर निफ्टी इस रेजिस्टेंस के ऊपर मजबूती से टिकता है, तो आगे 26,200-26,300 तक जाने की संभावना बन सकती है। वहीं अगर ऐसा नहीं हो पाता, तो इंडेक्स सीमित दायरे में ही घूमता रह सकता है।
उन्होंने कहा कि बैंक निफ्टी भी हाल की तेजी के बाद कंसोलिडेशन में है। इसका सपोर्ट 58,800-58,900 के आसपास है, जबकि रेजिस्टेंस 59,400-59,500 के बीच देखा जा रहा है। रेजिस्टेंस के ऊपर मजबूत ब्रेकआउट आने पर आगे और तेजी देखने को मिल सकती है, जबकि नीचे फिसलने पर बाजार साइडवेज रह सकता है।
(इनपुट-आईएएनएस)


