नीट-यूजी पेपर लीक विवाद और देशभर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच परीक्षा पास करने वाले छात्रों ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का खुलकर समर्थन किया है। छात्रों ने कहा कि पीएम मोदी इस मामले के लिए किसी भी तरह से जिम्मेदार नहीं हैं और पहली बार धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो रही है।
कर्नाटक के हुबली की छात्रा दानेश्वरी सलीमत ने कहा, “मैंने नीट परीक्षा पास की और अच्छी रैंक हासिल की। अब कोई समस्या नहीं है। पहली परीक्षा में प्रश्न पत्र लीक होने की समस्या हुई थी, लेकिन दूसरी परीक्षा में सब ठीक रहा। काउंसलिंग चल रही है और मुझे अच्छा कोर्स मिलने की उम्मीद है।”
दानेश्वरी ने आगे कहा, “कुछ लोग भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर विरोध कर रहे हैं, लेकिन नीट बोर्ड और केंद्र सरकार ने एडमिशन प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। विपक्षी पार्टियां सरकार पर आरोप लगा रही हैं, जो सच से बहुत दूर है। पीएम मोदी इसके लिए जिम्मेदार नहीं हैं।”
भोपाल के छात्रों ने फास्ट ट्रैक कोर्ट का स्वागत किया
भोपाल के छात्र प्रभात (390 अंक) ने प्रधानमंत्री के फास्ट ट्रैक कोर्ट गठन के फैसले का स्वागत करते हुए कहा, “सरकार का यह फैसला बहुत अच्छा है। छात्र नीट की तैयारी के लिए 2-3 साल देते हैं। अगर फल नहीं मिलता तो डिप्रेशन में चले जाते हैं। फास्ट ट्रैक कोर्ट से पेपर लीक मामलों में जल्द सजा होगी और भविष्य की परीक्षाएं भी सुरक्षित रहेंगी।”
छात्र प्रियांश कुशवाहा (410 अंक) ने कहा कि पहली परीक्षा के बाद कई छात्र खुश थे, लेकिन पेपर लीक और दोबारा परीक्षा की खबर से उन्हें सदमा लगा। कई छात्र दोबारा परीक्षा की तैयारी की स्थिति में भी नहीं थे। उन्होंने पेपर लीक को गलत बताया, लेकिन फास्ट ट्रैक कोर्ट के फैसले को सही कदम करार दिया।
छात्रा प्रियांशी ने भी कहा, “यह सरकार का बिल्कुल सही फैसला है। इससे पेपर लीक मामलों में तेजी से कार्रवाई होगी और दोषियों पर असरदार एक्शन लिया जा सकेगा।”
छात्रों का कहना है कि सरकार ने संकट का सामना करते हुए दूसरी परीक्षा आयोजित की और अब काउंसलिंग प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। वे विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी के प्रति आभार व्यक्त कर रहे हैं। (इनपुट-एजेंसी)


