October 4, 2026 12:40 PM
मातृ नवमी : मातृऋण, स्मृति, स्नेह और कृतज्ञता की अनुपम भारतीय परंपरा
"मातृदेवो भव" मां केवल जीवन देने वाली काया नहीं, बल्कि हर सांस में रचा-बसा वह असीम वात्सल्य है, जो देह से विदा होने के बाद भी स्मृति, संस्कार और आशीष बनकर संतान के जीवन-पथ को आलोकित करता रहता है। लà...


