दक्षिण कोरिया और अमेरिका के रक्षा प्रमुखों ने बुधवार को फिलीपींस में मुलाकात की। बैठक में युद्धकालीन सैन्य अभियान नियंत्रण (ओपीकॉन) अमेरिका से दक्षिण कोरिया को सौंपने की समयसीमा पर मतभेद दूर करने और द्विपक्षीय रक्षा गठबंधन से जुड़े अन्य मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, रक्षा मंत्री कांग शिन-चुल और अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के बीच यह बैठक फिलीपींस के सेबू में हुई। यहां दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संगठन (आसियान) के नेतृत्व में आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक प्लस (एडीएमएम-प्लस) आयोजित की जा रही है। सितंबर में पदभार संभालने के बाद कांग की अमेरिकी समकक्ष के साथ यह पहली आमने-सामने की बैठक है। समाचार एजेंसी योनहाप के मुताबिक, बैठक का विस्तृत ब्योरा बाद में जारी किए जाने की उम्मीद थी।
इस बैठक पर खास नजर है, क्योंकि दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग का प्रशासन 2030 में अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा होने से पहले युद्धकालीन सैन्य नियंत्रण वापस हासिल करना चाहता है। सियोल आगामी उच्चस्तरीय रक्षा वार्ता यानी सुरक्षा परामर्श बैठक (एससीएम) में नियंत्रण हस्तांतरण के लिए एक लक्षित वर्ष घोषित करने की कोशिश कर रहा है।
हालांकि, अमेरिका ने राजनीतिक कारणों से इस प्रक्रिया में जल्दबाजी को लेकर चिंता जताई है। वाशिंगटन का कहना है कि नियंत्रण सौंपने से पहले दोनों सहयोगी देशों द्वारा तय सभी शर्तों को पूरा करना जरूरी है। इनमें प्रमुख शर्त यह है कि हस्तांतरण के बाद संयुक्त सैन्य बलों का नेतृत्व करने के लिए दक्षिण कोरिया के पास आवश्यक क्षमताएं हों।
फिलहाल दोनों देश दक्षिण कोरियाई सेना की ‘पूर्ण परिचालन क्षमता’ (एफओसी) का सत्यापन कर रहे हैं। यह ओपीकॉन हस्तांतरण की तीन चरणों वाली शर्त-आधारित योजना का दूसरा चरण है। दक्षिण कोरियाई अधिकारियों का कहना है कि जरूरी शर्तें पूरी हो चुकी हैं, लेकिन अमेरिका का मानना है कि अभी ऐसा नहीं हुआ है। दक्षिण कोरिया में अमेरिकी सेना के कमांडर जनरल जेवियर ब्रनसन ने हाल में कहा था कि परिस्थितियां बदल गई हैं और अब नए मानकों को भी पूरा करना होगा।
मंगलवार को रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में कांग ने कहा था कि वह ओपीकॉन हस्तांतरण और गठबंधन से जुड़े अन्य मुद्दों पर अमेरिकी समकक्ष के साथ विस्तार से चर्चा करेंगे। उन्होंने जरूरत पड़ने पर एफओसी सत्यापन को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद दूर करने की बात भी कही।
हस्तांतरण की समयसीमा पर मतभेदों के कारण आगामी एससीएम वार्ता अगले साल की शुरुआत तक टलने की अटकलें लगाई जा रही हैं। यह बैठक आमतौर पर अक्टूबर के अंत या नवंबर की शुरुआत में होती है, लेकिन इस वर्ष इसे पहले ही दिसंबर तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।
बुधवार की बैठक में दोनों रक्षा प्रमुखों के दक्षिण कोरिया की परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बी परियोजना पर भी चर्चा करने की उम्मीद थी, जिसे अमेरिका का समर्थन प्राप्त है। दक्षिण कोरिया ने मई में ‘जांग बोगो एन’ परियोजना शुरू की थी। इसके तहत 2030 के दशक के अंत तक कम से कम तीन, आठ हजार टन क्षमता वाली परमाणु ऊर्जा चालित पनडुब्बियां बनाने की योजना है। पिछले साल अक्टूबर में दोनों देशों के नेताओं के बीच शिखर वार्ता के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने इस पहल को मंजूरी दी थी।
दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, कांग फिलीपींस में बैठक में शामिल अन्य देशों के रक्षा मंत्रियों के साथ भी द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। वह गुरुवार को एडीएमएम-प्लस की पूर्ण बैठक को संबोधित करेंगे। मंत्रालय के मुताबिक, अपने संबोधन में वह अंतर-कोरियाई सीमा के पास उत्तर कोरिया की ओर से हाल में हुए बारूदी सुरंग विस्फोट की निंदा करेंगे और कोरियाई प्रायद्वीप में शांति स्थापित करने के प्रयासों पर दक्षिण कोरिया का पक्ष रखेंगे।
-(इनपुटः आईएएनएस)


