अप्रैल माह में देश के निर्यात में 12.7 फीसदी की बढ़ोतरी, कुल निर्यात 73.80 अरब डॉलर पर पहुंचा

अप्रैल माह में वस्तु और सेवाओं के निर्यात में भारत ने 12.7% की मजबूत वृद्धि दर्ज की है। वाणिज्य मंत्रालय द्वारा आज गुरुवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक भारत का कुल निर्यात पिछले साल अप्रैल के 65.48 अरब डाॅलर की तुलना में इस साल 73.80 अरब डाॅलर तक पहुंच गया, जबकि वैश्विक स्तर पर अमेरिका द्वारा टैरिफ बढ़ाने जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं। इसमें से वस्तुओं का निर्यात 9.03% बढ़कर 38.49 अरब डाॅलर रहा। वस्तुओं के निर्यात में इलेक्ट्रॉनिक और इंजीनियरिंग उत्पादों ने सबसे अधिक योगदान दिया। जहां इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं का निर्यात अप्रैल 2024 के 2.65 अरब डाॅलर से 39.51% बढ़कर 3.69 अरब डाॅलर हो गया वहीं इंजीनियरिंग वस्तुओं का निर्यात भी 11.28% की बढ़ोतरी के साथ 9.51 अरब डाॅलर पहुंच गया, जो पिछले साल इसी महीने 8.55 अरब डाॅलर था। रत्न और आभूषण का निर्यात 10.74% बढ़कर 2.5 अरब डाॅलर हो गया, जो अप्रैल 2024 में 2.26 अरब डाॅलर था। रेडीमेड कपड़ों के निर्यात में 14.43% की मजबूत वृद्धि हुई और यह 1.37 अरब डाॅलर पहुंच गया, जबकि पिछले साल यह 1.2 अरब डाॅलर था।

वहीं चावल के निर्यात में भी 13.63% की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 0.95 अरब डाॅलर से बढ़कर 1.08 अरब डाॅलर हो गया। कृषि क्षेत्र की यह सफलता बेहतर मानसून और खाद की पर्याप्त उपलब्धता के कारण मानी जा रही है। समुद्री उत्पादों (Marine products) के निर्यात में 17.81% की वार्षिक बढ़ोतरी देखी गई, जो 0.49 अरब डाॅलर से बढ़कर 0.58 अरब डाॅलर हो गया। दवाओं और फार्मास्यूटिकल्स का निर्यात भी 2.37% बढ़कर 2.43 अरब डाॅलर से 2.49 अरब डाॅलर हो गया। भारत की सेवाओं के आयात अप्रैल 2024 में 16.76 अरब डाॅलर से बढ़कर इस साल 17.54 अरब डाॅलर हो गया। इसके बावजूद, सेवाओं के क्षेत्र में भारत को 17.77 अरब डाॅलर का सरप्लस मिला है।

हालांकि वस्तु के क्षेत्र में भारत का व्यापार घाटा (merchandise trade deficit) अप्रैल में बढ़कर 21.54 अरब डाॅलर हो गया है, लेकिन सेवाओं के क्षेत्र में हुए लाभ की वजह से कुल व्यापार घाटा सिर्फ 8.65 अरब डाॅलर रहा, जो एक प्रबंधनीय स्तर पर है। अप्रैल 2025 में भारत का कुल आयात (वस्तु और सेवाएं मिलाकर) 82.45 अरब डाॅलर रहा, जो पिछले साल की तुलना में 15.72% अधिक है।-(IANS)

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