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भारत-यूएस व्यापार समझौते का श्रेय पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप को जाता है: अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर

भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते का फ्रेमवर्क सामने आ चुका है। इस पर विशेषज्ञों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। इस बीच भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने फ्रेमवर्क की जानकारी साझा करते हुए दोनों देशों के बीच हुए समझौते का क्रेडिट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को दिया है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए अमेरिकी राजदूत ने लिखा, “एक नया दिन! इसे हासिल करने में उनके नेतृत्व और दृष्टिकोण के लिए सारा श्रेय राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी को जाता है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “हमने अपने दोनों महान देशों के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते के लिए एक रूपरेखा पर सहमति जताई है। मैं हमारे देशों के बीच मजबूत संबंधों के प्रति अपनी व्यक्तिगत प्रतिबद्धता के लिए राष्ट्रपति ट्रंप को धन्यवाद देता हूं।”

उन्होंने कहा, “यह रूपरेखा हमारी साझेदारी की बढ़ती गहराई, विश्वास और गतिशीलता को दिखाती है। यह भारत के मेहनती किसानों, उद्यमियों, एमएसएमई, स्टार्टअप इनोवेटर्स, मछुआरों और अन्य लोगों के लिए नए अवसर खोलकर ‘मेक इन इंडिया’ को मजबूत करती है। इससे महिलाओं और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होगा। भारत और अमेरिका इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं, और यह रूपरेखा हमारे बीच निवेश और टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप को मजबूत करेगी।”

पीएम मोदी ने कहा कि व्यापार समझौते की रूपरेखा मजबूत और भरोसेमंद सप्लाई चेन को भी मजबूत करेगी व वैश्विक विकास में योगदान देगी। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे भारत ‘विकसित राष्ट्र’ बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, हम ऐसे वैश्विक पार्टनरशिप बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं जो भविष्य-उन्मुख हों, हमारे लोगों को सशक्त बनाएं और साझा समृद्धि में योगदान दें।

इससे पहले केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह व्यापार समझौता भारत-अमेरिका के आर्थिक सहयोग को मजबूत करेगा। यह हमारे लोगों और व्यवसायों के लिए स्थायी विकास के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उन्होंने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “व्यापार समझौते की रूपरेखा के तहत अमेरिका भारतीय सामानों पर आपसी टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा, जिससे दुनिया की सबसे बड़ी इकॉनमी में टेक्सटाइल और कपड़ों, चमड़े और फुटवियर, प्लास्टिक और रबर प्रोडक्ट्स, ऑर्गेनिक केमिकल्स, होम डेकोर, कारीगरी वाले प्रोडक्ट्स और चुनिंदा मशीनरी जैसे अहम सेक्टर में बड़ा मार्केट मौका मिलेगा।” (इनपुट-आईएएनएस)

 

 

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