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कोविड ड्यूटी में जान गंवाने वाले फ्रंटलाइन कर्मियों के परिजनों को दिल्ली सरकार ने दिए 1-1 करोड़ रुपये

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कोविड-19 महामारी के दौरान ड्यूटी निभाते हुए जान गंवाने वाले फ्रंटलाइन कर्मियों के परिजनों को लंबे समय से लंबित 1-1 करोड़ रुपये की अनुग्रह सहायता राशि प्रदान की। इस संबंध में गुरुवार को एक अधिकारी ने जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच X पर कहा कि कर्तव्य निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले फ्रंटलाइन कर्मियों का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार उनके परिवारों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

इससे पहले मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली नगर निगम (MCD) के सफाई कर्मचारियों से मुलाकात कर उनकी सेवाओं की सराहना की। उन्होंने राजधानी को स्वच्छ और सुंदर बनाने में उनके योगदान को महत्वपूर्ण बताते हुए उनके साथ भोजन भी किया और उनके समर्पण के लिए आभार व्यक्त किया।

यह कार्यक्रम पश्चिमी दिल्ली नगर निगम क्षेत्र में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण और द्वितीयक परिवहन परियोजना की शुरुआत के अवसर पर आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री ने 917 आधुनिक वाहनों को हरी झंडी दिखाकर इस परियोजना का शुभारंभ किया।

रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य केवल कचरा एकत्र करना नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक पर आधारित, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली विकसित करना है। इससे घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था अधिक प्रभावी, समयबद्ध और जवाबदेह बनेगी तथा राजधानी को स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर बनाने में मदद मिलेगी।

उन्होंने विश्वास जताया कि आधुनिक तकनीक, मजबूत बुनियादी ढांचे और जनभागीदारी के माध्यम से दिल्ली को देश की सबसे स्वच्छ और बेहतर प्रबंधित राजधानी बनाया जा सकेगा।

सरकारी बयान के अनुसार, इस परियोजना के तहत पश्चिमी दिल्ली नगर निगम के 25 वार्डों के करीब 4.5 लाख परिवारों को लाभ मिलेगा। पहले चरण में 6 वार्डों में यह व्यवस्था शुरू की गई है, जबकि शेष 19 वार्डों को 31 अगस्त तक इस प्रणाली से जोड़ दिया जाएगा।

स्वच्छता सेवाओं को और मजबूत बनाने के लिए 917 अत्याधुनिक वाहन और आधुनिक कचरा संग्रहण उपकरण तैनात किए गए हैं, जिससे घर-घर कचरा संग्रहण को अधिक तेज और प्रभावी बनाया जा सकेगा।

-(इनपुटःएजेंसी)