जैव प्रौद्योगिकी विभाग ने मनाया स्वच्छता पखवाड़ा 2026, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण पर दिया जोर

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) ने स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत 1 मई से 15 मई 2026 तक स्वच्छता पखवाड़ा 2026 का आयोजन किया। यह अभियान नई दिल्ली स्थित विभागीय मुख्यालय के साथ-साथ इसके सभी स्वायत्त संस्थानों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन कैबिनेट सचिवालय द्वारा जारी स्वच्छता पखवाड़ा 2026 के दिशा-निर्देशों और कैलेंडर के अनुरूप किया गया।

शपथ ग्रहण के साथ हुआ पखवाड़े का शुभारंभ

स्वच्छता पखवाड़ा 2026 की शुरुआत 1 मई को नई दिल्ली स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह से हुई। इस अवसर पर विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्वच्छता, अनुशासन और नागरिक उत्तरदायित्व के मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। सामूहिक शपथ के माध्यम से पखवाड़े भर चलने वाली गतिविधियों का शुभारंभ किया गया और कार्यक्रम को उत्साहपूर्ण भागीदारी मिली।

स्वच्छता और जल संरक्षण पर केंद्रित रहीं गतिविधियां

पखवाड़े के दौरान जैव प्रौद्योगिकी विभाग तथा इसके स्वायत्त संस्थानों और सार्वजनिक उपक्रमों द्वारा स्वच्छता, जल संरक्षण और श्रमदान को बढ़ावा देने वाली विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना और पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करना था।

स्वास्थ्य शिविर से लेकर वृक्षारोपण तक हुए कार्यक्रम

अभियान के तहत स्वास्थ्य जांच शिविर, पर्यावरण जागरूकता व्याख्यान, हस्ताक्षर अभियान, वृक्षारोपण कार्यक्रम, एकल-उपयोग प्लास्टिक के दुष्प्रभावों पर विशेष व्याख्यान, तनाव प्रबंधन कार्यशालाएं और विभिन्न सेमिनार आयोजित किए गए। इसके अलावा चित्रकला प्रतियोगिता, ‘वेस्ट टू वेल्थ’ प्रतियोगिता, जूट बैग वितरण तथा लकड़ी की पैकिंग सामग्री का पुन: उपयोग कर सजावटी गमले बनाने जैसी रचनात्मक गतिविधियां भी आयोजित की गईं।

विद्यार्थियों को भी किया गया जागरूक

स्वच्छता पखवाड़े के दौरान निकटवर्ती सरकारी विद्यालय में प्रयोगशाला अपशिष्ट प्रबंधन, शौचालयों और कक्षाओं के नवीनीकरण से संबंधित विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। छात्रों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए निबंध, कविता और नारा लेखन प्रतियोगिताएं भी कराई गईं।

वरिष्ठ अधिकारियों ने की निगरानी

पूरे अभियान की निगरानी और मार्गदर्शन जैव प्रौद्योगिकी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा किया गया। प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करने और गतिविधियों की समीक्षा के लिए नियमित बैठकें आयोजित की गईं। दिशा-निर्देशों के अनुरूप सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले कार्यालयों के चयन के लिए एक समिति का गठन भी किया गया।

तीन संस्थानों को मिला उत्कृष्ट प्रदर्शन का पुरस्कार

स्वच्छता पखवाड़ा 2026 के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले तीन संस्थानों का चयन किया गया। इनमें बीआरआईसी-राष्ट्रीय पशु जैव प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईएबी), बीआरआईसी-राष्ट्रीय कृषि-खाद्य जैव प्रौद्योगिकी संस्थान (एनएबीआई) और बीआरआईसी-जैव संसाधन एवं सतत विकास संस्थान (आईबीएसडी) शामिल रहे। इन संस्थानों को 2 जून 2026 को आयोजित एक औपचारिक समारोह में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव द्वारा सम्मानित किया गया। (इनपुट: पीआईबी)

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