नागर विमानन मंत्रालय ने उड़ान रद्द होने और देरी पर विस्तारा एयरलाइंस से मांगी रिपोर्ट

नागर विमानन मंत्रालय ने उड़ानों में देरी के लिए विस्‍तारा एयरलाइंस से रिपोर्ट मांगी है। मंत्रालय ने बताया कि एयरलाइंस को उड़ानों में देरी या उड़ान रद्द होने की स्थिति में यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए नागर विमानन महानिदेशालय -डीजीसीए के नियमों का पालन करना होगा।

एक साथ मेडिकल लीव पर जा रहे हैं विस्तारा के पायलट 

जानकारी के मुताबिक विमानन कंपनी विस्तारा पायलटों की कमी के कारण अपनी उड़ानों को स्थाई रूप से कम करेगी।  दरअसल, वेतन संशोधन के विरोध में कई प्रथम अधिकारी मेडिकल लीव पर चल रहे हैं।  

कई यात्रियों ने विमानन मंत्रालय को लिखा पत्र 

विस्तारा के प्रवक्ता ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में चालक दल की कमी सहित विभिन्न कारणों से एयरलाइन को बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द करनी पड़ी और कई मामलों में देरी हुई। 

ज्ञात हो बीते सप्ताह एयरलाइन द्वारा 100 से अधिक उड़ानें रद्द या विलंबित करने के बाद कई यात्रियों ने विमानन मंत्रालय को पत्र लिखा। इसी सिलसिले में नागर विमानन मंत्रालय ने उड़ानों में देरी के लिए विस्‍तारा एयरलाइंस से रिपोर्ट मांगी है।

मंत्रालय ने डीजीसीए के नियमों का पालन करने को कहा 

इस संबंध में नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर आज (मंगलवार) एक पोस्ट किया गया है जिसमें लिखा है, ”नागरिक उड्डयन मंत्रालय विस्तारा उड़ान रद्द होने की स्थिति पर नजर रख रहा है। हालांकि, उड़ान संचालन का प्रबंधन एयरलाइंस द्वारा स्वयं किया जाता है। उड़ानों के रद्द होने या देरी की स्थिति में यात्री सुविधा सुनिश्चित करने के लिए एयरलाइंस को डीजीसीए मानदंडों का पालन करना होगा।”

https://x.com/MoCA_GoI/status/1775038659890426018?s=20

अब उड़ान के लिए बैठकर नहीं करना होगा लंबा इंतजार

दूसरी ओर, ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) ने नई गाइडलाइन जारी की है। फ्लाइट में बोर्डिंग के बाद लंबे समय तक उड़ान न भरने की स्थिति में यात्री बाहर निकल सकेंगे। इस संबंध में BCAS के महानिदेशक जुल्फिकार ने बयान दिया है कि नए दिशानिर्देश 30 मार्च को एयरलाइंस और एयरपोर्ट संचालकों के लिए जारी किए गए थे जो अब लागू हो चुके हैं। (इनपुट-एएनआई)

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