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रक्षा मंत्रालय ने T-72 और T-90 टैंकों के लिए एपीयू खरीद के लिए 586 करोड़ रुपए के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए

रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी है। एपीयू टैंक के फायर कंट्रोल सिस्टम, फायरिंग सर्किट, गन स्टेबिलाइजेशन सिस्टम और अन्य सहायक उपकरणों के लिए विद्युत शक्ति उत्पादन का एक वैकल्पिक स्रोत है। स्वदेशी रूप से विकसित एपीयू को शामिल करने से भारतीय सेना की मशीनीकृत इकाइयों की संचालन तत्परता, विश्वसनीयता और स्थायित्व और अधिक मजबूत होगी।

यह खरीद बख्तरबंद प्लेटफार्मों के महत्वपूर्ण उप-प्रणालियों के स्वदेशीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और उद्योग के नेतृत्व में किए गए अनुसंधान और विकास (मेक-II) को दर्शाती है। यह स्वदेशी नवाचार को उत्पादन और कार्यान्वयन में बदलने की प्रक्रिया की प्रभावशीलता को भी प्रदर्शित करती है।

यह कॉन्ट्रेक्ट सरकार के ‘विकसित भारत @2047’ के विजन के अनुरूप है और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने और एक मजबूत, आत्मनिर्भर और विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी भारतीय रक्षा उद्योग के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।