वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच विकास का दूरदर्शी रोडमैप पेश करता केंद्रीय बजट: फिक्की

भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) पूर्वोत्तर सलाहकार परिषद ने केंद्रीय बजट 2026-27 का स्वागत करते हुए कहा है कि यह ‘सबका साथ, सबका विकास’ के दृष्टिकोण के अनुरूप, प्राथमिकता वाले क्षेत्रों, विनिर्माण, अवसंरचना, पर्यटन, स्थिरता और सुधारों पर विशेष जोर देते हुए आर्थिक विकास और रोजगार सृजन के लिए एक समावेशी और दूरदर्शी खाका प्रस्तुत करता है।

बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए, फिक्की पूर्वोत्तर सलाहकार परिषद के अध्यक्ष रंजीत बरठाकुर ने कहा कि यह भारत की आर्थिक बुनियाद में विश्वास को दर्शाता है और संतुलित नीतिगत दृष्टिकोण के माध्यम से उभरती वैश्विक और भू-राजनीतिक चुनौतियों का समाधान करता है।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक पूंजीगत व्यय, विनिर्माण, लघु एवं मध्यम उद्यमों और अवसंरचना पर निरंतर जोर दीर्घकालिक विकास और रोजगार सृजन के लिए एक ठोस आधार प्रदान करता है। बरठाकुर ने मानव पूंजी में निवेश के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और कौशल विकास पर ध्यान देना समावेशी विकास सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है, खासकर पूर्वोत्तर जैसे क्षेत्रों के लिए।

उन्होंने अंतर्देशीय जलमार्गों और बहुआयामी लॉजिस्टिक्स पर दिए गए जोर का भी स्वागत किया और कहा कि बेहतर नदी संपर्क, विशेष रूप से असम में लॉजिस्टिक्स लागत को कम करेगा, बाजार तक पहुंच में सुधार करेगा, और क्षेत्रीय आर्थिक क्षमता को उजागर करेगा।

बजट की स्थिरता संबंधी पहलों का स्वागत करते हुए बरठाकुर ने कहा कि कार्बन कैप्चर, यूटिलाइजेशन एंड स्टोरेज (सीसीयूएस) जैसी व्यापक तैनाती जैसे प्रस्ताव भारत की औद्योगिक क्षमता के विस्तार के साथ-साथ पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार विकास के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता का संकेत देते हैं।

फिक्की असम राज्य परिषद के अध्यक्ष घनश्याम धनूका ने कहा कि बजट में असम से सीधे संबंधित कई पहलें शामिल हैं, साथ ही यह प्रमुख राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को भी संबोधित करता है। उन्होंने अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मिजोरम, सिक्किम और त्रिपुरा में प्रस्तावित बौद्ध पर्यटन सर्किटों के विकास का विशेष रूप से स्वागत किया और कहा कि इस पहल से पर्यटन अवसंरचना मजबूत होगी, सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण होगा और स्थानीय रोजगार सृजित होगा।

धनुका ने व्यापार करने में सुगमता लाने के उद्देश्य से किए गए सुधारों की भी सराहना की, जिनमें कर युक्तिकरण, मुकदमेबाजी में कमी और नीतिगत निश्चितता में वृद्धि शामिल है। उन्होंने कहा कि इससे निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा और असम में उद्यम-आधारित विकास को समर्थन मिलेगा।(इनपुट-आईएएनएस)

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