अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने एक टास्क फोर्स गठित किया है, जो यह अध्ययन करेगी कि Artificial Intelligence (AI) अमेरिकी अर्थव्यवस्था और भविष्य की मौद्रिक नीति को किस तरह प्रभावित कर सकता है। फेड चेयर केविन वॉर्श ने कहा कि टास्क फोर्स की रिपोर्ट साल के अंत तक आने की उम्मीद है।
मांग और आपूर्ति पर AI के असर का होगा अध्ययन
वॉर्श ने कहा कि फेड यह समझने की कोशिश कर रहा है कि AI का अर्थव्यवस्था की मांग (Demand) और आपूर्ति (Supply), दोनों पर क्या असर पड़ सकता है। हालांकि, उन्होंने AI से जुड़े व्यापक जोखिमों और अवसरों को नियंत्रित करने से जुड़े फैसले सरकार के दूसरे हिस्सों पर छोड़ दिए।
उन्होंने कहा कि AI को लेकर फेड गंभीरता से विचार कर रहा है और इसी वजह से टास्क फोर्स बनाई गई है, ताकि भविष्य की मौद्रिक नीति पर इसके प्रभाव को समझने में मदद मिल सके।
यह घोषणा फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) के उस सर्वसम्मत फैसले के बाद हुई, जिसमें बेंचमार्क ब्याज दर में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर इसे 3.75–4 प्रतिशत कर दिया गया।
AI के जोखिमों पर फेड की जिम्मेदारी सीमित
AI इंडस्ट्री के कुछ नेताओं ने तकनीक पर नियंत्रण खोने और इससे अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई है। इन चेतावनियों पर वॉर्श ने सीधे कोई आकलन नहीं दिया। उन्होंने कहा कि फेड की जिम्मेदारी मुख्य रूप से AI के आर्थिक प्रभावों को समझने तक है, जबकि तकनीक के जोखिम और अवसरों से जुड़े व्यापक नीतिगत फैसले सरकार के दूसरे विभागों द्वारा किए जाते हैं।
वॉर्श ने यह भी कहा कि फेड में शामिल होने से पहले भी उन्होंने AI पर काफी विचार किया था और इस विषय पर सार्वजनिक रूप से चर्चा की थी।
टास्क फोर्स के सदस्यों, उसके शोध के विशेष सवालों या रिपोर्ट सार्वजनिक किए जाने को लेकर अभी कोई जानकारी नहीं दी गई है। वॉर्श ने यह भी कोई अनुमान नहीं दिया कि AI आर्थिक विकास या महंगाई में कितना योगदान दे सकता है।
बढ़ते निवेश से अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड पर भी असर
वॉर्श ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मजबूत बताते हुए कहा कि घरेलू खर्च में मजबूती बनी हुई है, उत्पादकता वृद्धि अच्छी है और पूंजी निवेश भी मजबूत है।
उन्होंने अमेरिकी ट्रेजरी की लंबी अवधि की यील्ड बढ़ने के कारणों में पूंजीगत खर्च में तेजी को भी शामिल किया। उनके मुताबिक बड़े टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर ऑपरेटर, जिन्हें अक्सर ‘Hyperscalers’ कहा जाता है, बाजार से फंड जुटा रहे हैं और पूंजी के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ा रहे हैं।
उन्होंने आर्थिक मजबूती और भू-राजनीतिक घटनाक्रम को भी लंबी अवधि की यील्ड बढ़ने के अन्य प्रमुख कारणों में गिनाया, हालांकि उन्होंने कहा कि यही एकमात्र कारण नहीं हैं।
महंगाई और रोजगार के बीच संतुलन पर नजर
AI की समीक्षा ऐसे समय में हो रही है जब फेड लगातार महंगाई की चुनौती का सामना कर रहा है। वॉर्श ने कहा कि महंगाई पांच साल से ज्यादा समय से फेड के लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है। वहीं, उन्होंने अमेरिकी श्रम बाजार को व्यापक रूप से पूर्ण रोजगार (Full Employment) के अनुरूप बताया।
AI से आर्थिक गतिविधियों में तेजी आने के बीच महंगाई कम करने को लेकर पूछे गए सवाल पर वॉर्श ने कहा कि महंगाई के लक्ष्य को हासिल करने के लिए रोजगार को नुकसान पहुंचाना जरूरी नहीं है।
अमेरिकी कांग्रेस ने फेडरल रिजर्व को अधिकतम रोजगार और स्थिर कीमतों को बढ़ावा देने का दायित्व दिया है। फेड का लंबी अवधि का महंगाई लक्ष्य 2 प्रतिशत है, जिसे Personal Consumption Expenditures (PCE) Price Index में सालाना बदलाव के आधार पर मापा जाता है।
-(इनपुटः IANS)


