राष्ट्रपति के अभिभाषण को उपराष्ट्रपति ने बताया दूरदर्शी और विजनरी

संसद के बजट सत्र की शुरुआत बुधवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करने के साथ हुई। राष्ट्रपति के अभिभाषण की उपराष्ट्रपति सीपी. राधाकृष्णन ने सराहना करते हुए इसे व्यापक, दूरदर्शी और विजनरी बताया।

उपराष्ट्रपति ने सोशल मीडिया पर की सराहना

भारत के उपराष्ट्रपति के आधिकारिक एक्स हैंडल पर पोस्ट करते हुए उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने लिखा कि बजट सत्र की शुरुआत में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा संसद में दिया गया भाषण व्यापक, दूरदर्शी और विजनरी था। उन्होंने कहा कि इस अभिभाषण में भारत की शानदार विकास यात्रा को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किया गया है, साथ ही भविष्य के लिए एक आत्मविश्वास से भरा रोडमैप भी सामने रखा गया है।

समावेशी और जन-केंद्रित विकास पर जोर

उपराष्ट्रपति ने कहा कि राष्ट्रपति के भाषण में राष्ट्रीय विकास के सभी पहलुओं को शामिल किया गया है। यह समावेशी और जन-केंद्रित विकास के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो समाज के हर वर्ग तक पहुंचता है। उन्होंने कहा कि यह भाषण एक मजबूत, आत्मनिर्भर और समावेशी विकसित भारत बनाने की सामूहिक आकांक्षा को भी प्रतिबिंबित करता है।

राष्ट्रपति ने विकास यात्रा की उपलब्धियां गिनाईं

इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने अभिभाषण में भारत की विकास यात्रा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी के पहले 25 वर्षों में भारत ने कई अहम सफलताएं हासिल की हैं और भविष्य के लिए एक मजबूत नींव रखी है।

इंफ्रास्ट्रक्चर से स्टार्टअप तक प्रगति का उल्लेख

राष्ट्रपति ने पिछले एक दशक में इंफ्रास्ट्रक्चर, रेलवे, रक्षा, अंतरिक्ष, स्टार्टअप और सामाजिक कल्याण जैसे क्षेत्रों में हुई प्रगति का उल्लेख किया। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र करते हुए कहा कि इस अभियान के जरिए पूरी दुनिया ने भारत का शौर्य और सामर्थ्य देखा है।

सबका साथ, सबका विकास के विजन पर फोकस

राष्ट्रपति ने बाबासाहेब अंबेडकर के विचारों का हवाला देते हुए कहा कि सरकार दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों और समाज के सभी वर्गों के लिए संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है। ‘सबका साथ, सबका विकास’ का विजन हर नागरिक तक पहुंच रहा है।

गरीबी उन्मूलन और महिला सशक्तीकरण पर जोर

उन्होंने कहा कि पिछले दशक में 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है। महिला सशक्तीकरण पर बोलते हुए राष्ट्रपति ने बताया कि देशभर में 10 करोड़ से अधिक महिलाएं सेल्फ-हेल्प ग्रुप्स से जुड़ी हैं और ‘लखपति दीदियों’ की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।

2 अप्रैल तक चलेगा बजट सत्र

गौरतलब है कि संसद का बजट सत्र 2 अप्रैल 2026 तक चलेगा। इस दौरान 29 जनवरी को आर्थिक सर्वेक्षण और 1 फरवरी को केंद्रीय बजट पेश किया जाएगा। (इनपुट: आईएएनएस)