ऑपरेशन सिंदूर में IAF की कार्रवाई की गति दुनिया ने देखी: एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह

भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह ने 94वें भारतीय वायुसेना दिवस पर वायु योद्धाओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना कितनी तेजी से युद्धक कार्रवाई में उतरी, यह पूरी दुनिया ने देखा। उन्होंने कहा कि वायुसेना के जवान लगातार हर मिशन के लिए तैयारी कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित हिंडन एयर बेस पर वायुसेना दिवस समारोह के दौरान एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह ने परेड का निरीक्षण किया। समारोह में थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ, नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन, वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, पूर्व सैन्यकर्मी और उनके परिवार भी मौजूद रहे।

परेड को संबोधित करते हुए वायुसेना प्रमुख ने कहा कि 1932 में केवल चार वैपिटी विमानों के साथ शुरू हुई भारतीय वायुसेना आज एक सक्षम, नेटवर्क आधारित और बहु-क्षेत्रीय शक्ति के रूप में विकसित हो चुकी है। उन्होंने कहा कि वायुसेना का गौरवशाली सफर प्रतिबद्धता, साहस और सर्वोच्च बलिदान पर आधारित है।

उन्होंने देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वायु योद्धाओं को श्रद्धांजलि भी दी। उन्होंने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और इसके कारण अनिश्चितता तथा जटिल भू-राजनीतिक चुनौतियां बढ़ रही हैं। दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में नए संघर्ष सामने आ रहे हैं।

वायुसेना प्रमुख ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितता के दौर में वायु शक्ति राष्ट्रीय हितों की रक्षा का प्रमुख माध्यम है। भारतीय वायुसेना अपनी भूमिका और जिम्मेदारियों को समझती है और हर स्थिति से निपटने के लिए सतर्क, प्रतिबद्ध और तैयार है।

उन्होंने कहा कि किसी भी वायुसेना के पास दुनिया के सबसे आधुनिक विमान या प्रणालियां हो सकती हैं, लेकिन उसकी वास्तविक ताकत इस बात से तय होती है कि वह अभियान के लिए कितनी तैयार है और जरूरत पड़ने पर कितनी तेजी और आत्मविश्वास के साथ कार्रवाई कर सकती है।

ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह ने कहा कि दुनिया ने देखा कि भारतीय वायुसेना कितनी तेजी से युद्धक अभियानों में उतरी। उन्होंने कहा कि इस अभियान के दौरान वायुसेना की प्रभावी वायु रक्षा क्षमताओं और उसकी मारक शक्ति को प्रत्यक्ष रूप से देखा गया।

उन्होंने कहा कि इस वर्ष की थीम ‘अचूक, अभेद्य और सटीक’ केवल एक नारा नहीं है, बल्कि वायुसेना की ताकत और संकल्प को दर्शाती है।
वायुसेना प्रमुख ने कहा कि अभियान क्षमता पेशेवर प्रशिक्षण पर निर्भर करती है। वायुसेना युद्ध के दौरान इस्तेमाल होने वाली परिस्थितियों के अनुरूप प्रशिक्षण देती है, ताकि वायु और जमीन पर काम करने वाले उसके जवानों के कौशल बेहद मजबूत हों।

उन्होंने कहा कि इन कौशलों को वास्तविक परिस्थितियों के करीब अभ्यास के जरिए विकसित किया जाता है। चाहे देश के हवाई क्षेत्र की रक्षा करनी हो, आपदा के दौरान राहत पहुंचानी हो या जवाबी कार्रवाई करनी हो, वायुसेना लगातार हर मिशन के लिए तैयारी करती है।

उन्होंने कहा कि इस वर्ष वायुसेना ने वायुशक्ति अभ्यास, ड्रोनाथॉन और जारी बहुपक्षीय वायु अभ्यास तरंग शक्ति जैसी महत्वपूर्ण पहलों के जरिए अपनी तैयारियों को और मजबूत किया है। इन प्रयासों का उद्देश्य युद्धक तैयारियों की प्रभावी जांच करना और नई तकनीकों को तेजी से अभियान प्रणाली में शामिल करना है।

-(इनपुटः IANS)

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