भारत की विकास यात्रा में गुणवत्ता और स्थिरता पर कोई समझौता नहीं: पीयूष गोयल

वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि भारत अपनी विकास यात्रा में सस्टेनेबिलिटी (स्थिरता) को एक मज़बूत स्तंभ मानता है और उच्च गुणवत्ता वाले मानक ही किसी भी अर्थव्यवस्था की प्रगति की कुंजी होते हैं। उन्होंने कहा कि “भारत की विकास यात्रा में स्थिरता पर कोई समझौता नहीं होगा।”

गोयल ने यह बात आईईसी (इंटरनेशनल इलेक्ट्रोटेक्निकल कमीशन) जनरल मीटिंग और एग्ज़िबिशन के उद्घाटन समारोह में कही, जिसे भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा आयोजित किया गया।

उन्होंने कहा कि किसी भी विकासशील देश के लिए अच्छे मानक समय की मांग हैं, क्योंकि यही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकास का आधार प्रदान करते हैं।

आगे उन्होंने कहा कि वैश्विक मानकों का सामंजस्य न केवल उत्पादों की गुणवत्ता को बेहतर बनाता है, बल्कि मुक्त व्यापार को बढ़ावा देता है, बाज़ार खोलता है और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मज़बूत करता है।

गोयल ने उम्मीद जताई कि इस सम्मेलन में शामिल अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ नए विचारों पर चर्चा करेंगे और मानकों को बढ़ावा देने के नए रास्ते सुझाएंगे।

उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि उच्च गुणवत्ता वाले मानक उपभोक्ता कल्याण सुनिश्चित करने, मांग बढ़ाने और लंबे समय तक सतत विकास बनाए रखने के लिए आवश्यक हैं।

गोयल ने कहा कि भारत सर्कुलर इकॉनमी के सिद्धांतों के प्रति भी गहराई से प्रतिबद्ध है, जिसमें कचरे को कम करना और संसाधनों का संरक्षण शामिल है।

उन्होंने बताया कि भारत में हज़ारों तकनीकी निकाय और समितियाँ विभिन्न क्षेत्रों के लिए मानक तय करती हैं। पहले इनके पालन को स्वैच्छिक रखा गया था, लेकिन समय के साथ क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर्स (QCOs) लागू करना ज़रूरी हो गया।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि खिलौनों के लिए लागू QCOs ने बाज़ार में घटिया उत्पादों को समाप्त किया है, भारत में उच्च गुणवत्ता वाले खिलौनों का उत्पादन बढ़ाया है और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “Zero Defect, Zero Effect” विज़न का ज़िक्र करते हुए गोयल ने कहा कि सरकार मिशन मोड में देशभर में गुणवत्ता और स्थिरता की संस्कृति विकसित करने पर काम कर रही है।

– (इनपुट : आईएएनएस)