आवश्यक वस्तुओं की कमी नहीं, अनावश्यक खरीदारी से बचें : राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में आज सोमवार को एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में पश्चिम एशिया के कारण ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव पर मंथन किया गया। इसके अलावा, बैठक में ईंधन उपलब्धता और आवश्यक वस्तुओं के भंडारण व वितरण व्यवस्था का विस्तृत आकलन किया गया।  

सरकार ने यह भरोसा दिलाया कि देशवासियों को किसी भी आवश्यक वस्तु की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा और आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम लगातार उठाए जा रहे हैं।

दरअसल, पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका-इजरायल के संघर्ष के कारण विश्व के कई देशों में ऊर्जा की आपूर्ति बाधित हुई है। वहीं, किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए भारत पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर नजर बनाए हुए है। इसी के मद्देनजर सोमवार को देश में ऊर्जा आपूर्ति और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता की स्थिति की समीक्षा के लिए अंतर-मंत्रालयी समूह की पांचवीं बैठक आयोजित की गई।

इस बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की। बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्वानंद सोनोवाल, नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू समेत कई अन्य महत्वपूर्ण व्यक्ति शामिल हुए।

बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि अंतरराष्ट्रीय तनाव के बावजूद देश में पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस तथा अन्य जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। सरकार लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है और किसी भी प्रकार की कमी या बाधा से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। केंद्र और संबंधित एजेंसियां मिलकर ऊर्जा सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती तथा बाजार में स्थिरता बनाए रखने के लिए समन्वित प्रयास कर रही हैं। 

उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे शांत रहें व धैर्य रखें और किसी भी प्रकार की घबराहट या अनावश्यक खरीदारी से बचें। सरकार के अनुसार, देश में आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।

बैठक में यह भी कहा गया कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा वैश्विक चुनौतियों के इस दौर में लोगों से सामूहिक भागीदारी और संसाधनों के संरक्षण की अपील आत्मनिर्भरता तथा ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ऊर्जा बचत और जिम्मेदार उपभोग को राष्ट्रीय हित से जोड़ते हुए इसे कठिन वैश्विक परिस्थितियों से निपटने की व्यापक रणनीति का हिस्सा बताया गया।

गौरतलब है कि ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच छिड़े इस संघर्ष के कारण होर्मुज स्ट्रेट से मालवाहक जहाजों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है। यह वही मार्ग है जहां से विभिन्न देशों को कच्चे तेल और गैस की बड़ी सप्लाई होती है। फिलहाल दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम जारी है। हालांकि, संघर्ष विराम के बावजूद मालवाहक समुद्री जहाजों की आवाजाही सुचारु रूप से अभी तक सुनिश्चित नहीं हो सकी है। (इनपुट-आईएएनएस)

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