विदेश मंत्रालय (MEA) ने घोषणा की है कि भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन (ISMR) का तीसरा दौर बुधवार, 13 अगस्त 2025 को नई दिल्ली में आयोजित होगा। इस सम्मेलन का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना है।
भारत और सिंगापुर के शीर्ष मंत्रियों की भागीदारी
भारत का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और रेल, सूचना एवं प्रसारण, तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव करेंगे। वहीं सिंगापुर की ओर से उप प्रधानमंत्री एवं व्यापार व उद्योग मंत्री गान किम योंग नेतृत्व करेंगे, जिनके साथ राष्ट्रीय सुरक्षा समन्वय मंत्री के. षणमुगम, विदेश मंत्री विवियन बालकृष्णन, डिजिटल विकास मंत्री जोसेफिन तेओ, जनशक्ति मंत्री टैन सी लेंग और कार्यवाहक परिवहन मंत्री जेफरी सिओ शामिल होंगे।
रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाई
याद हो, पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सिंगापुर यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अपने संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक उन्नत किया था। ISMR, जिसकी परिकल्पना प्रधानमंत्री मोदी ने की थी, को विदेश मंत्रालय ने सहयोग के लिए एक दूरदर्शी मंच बताया है। पहली बैठक सितंबर 2022 में दिल्ली और दूसरी अगस्त 2024 में सिंगापुर में हुई थी। तीसरे दौर में साझेदारी को और मजबूत करने के नए अवसरों की पहचान होने की उम्मीद है।
हाल की उच्च-स्तरीय कूटनीति
इस वर्ष जनवरी में सिंगापुर के राष्ट्रपति थर्मन षणमुगरत्नम ने भारत का दौरा किया था, जहां उन्होंने विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और प्रधानमंत्री मोदी के साथ भविष्य के क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की। अपनी यात्रा के दौरान, उन्होंने सेमीकंडक्टर, औद्योगिक पार्क, कौशल विकास, डिजिटलीकरण और व्यापार विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा करने के लिए विदेश मंत्री जयशंकर से मुलाकात की। उन्होंने दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए “भविष्य के क्षेत्रों” पर ध्यान केंद्रित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी के साथ भी बातचीत की।


