प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओस्लो में आयोजित तीसरे इंडिया-नॉर्डिक समिट में हिस्सा लेते हुए कहा कि हालिया व्यापार समझौतों से भारत और नॉर्डिक देशों के संबंधों में नए स्वर्णिम युग की शुरुआत होगी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र, कानून के शासन और बहुपक्षवाद के प्रति साझा प्रतिबद्धता भारत और नॉर्डिक देशों को स्वाभाविक साझेदार बनाती है।
व्यापार और निवेश में तेजी से बढ़ा सहयोग
संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत और नॉर्डिक देशों के संबंधों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने बताया कि पिछले 10 वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार चार गुना बढ़ा है, जबकि नॉर्डिक देशों से भारत में निवेश में लगभग 200 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। पीएम मोदी ने कहा कि नॉर्डिक देशों के निवेश फंड भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में अहम भागीदार बन रहे हैं और इससे दोनों पक्षों में रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं।
व्यापार समझौतों से खुलेगा नया दौर
प्रधानमंत्री ने कहा कि अक्टूबर 2025 से नॉर्वे, आइसलैंड और अन्य ईएफटीए देशों के साथ व्यापार और आर्थिक साझेदारी लागू की गई है। इसके अलावा हाल ही में भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) भी हुआ है, जिसमें डेनमार्क, फिनलैंड और स्वीडन शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन समझौतों से भारत और नॉर्डिक देशों के संबंधों को नई दिशा और गति मिलेगी।
ग्रीन टेक्नोलॉजी और नवाचार साझेदारी पर जोर
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और नॉर्वे ने अपने संबंधों को ग्रीन टेक्नोलॉजी और नवाचार रणनीतिक साझेदारी का स्वरूप देने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि इस साझेदारी के जरिए आइसलैंड की जियोथर्मल विशेषज्ञता, नॉर्वे की ब्लू इकोनॉमी और आर्कटिक अनुभव तथा नॉर्डिक देशों की समुद्री स्थिरता विशेषज्ञता को भारत की क्षमता के साथ जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वीडन की एडवांस मैन्युफैक्चरिंग और डिफेंस टेक्नोलॉजी, फिनलैंड की टेलीकॉम और डिजिटल तकनीक तथा डेनमार्क की साइबर सुरक्षा विशेषज्ञता को भारत की प्रतिभा के साथ जोड़कर विश्व के लिए भरोसेमंद समाधान विकसित किए जाएंगे।
रिसर्च, स्टार्टअप और स्किल डेवलपमेंट पर फोकस
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और नॉर्डिक देशों के बीच रिसर्च और इनोवेशन साझेदारी को और मजबूत किया जाएगा। इसके लिए विश्वविद्यालयों, स्टार्टअप्स और रिसर्च लैब्स के बीच सहयोग बढ़ाया जाएगा। साथ ही आर्कटिक और पोलर रिसर्च में भी सहयोग गहरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत और नॉर्डिक देशों के बीच स्किल डेवलपमेंट और पेशेवरों की मोबिलिटी के नए अवसर भी तैयार किए जाएंगे।
वैश्विक शांति और बहुपक्षवाद पर साझा रुख
पीएम मोदी ने कहा कि वैश्विक तनाव और संघर्ष के दौर में भारत और नॉर्डिक देश नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए साथ मिलकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि यूक्रेन और पश्चिम एशिया जैसे मुद्दों पर सभी पक्ष शांति प्रयासों और संघर्ष की जल्द समाप्ति के पक्षधर हैं। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि बहुपक्षीय संस्थानों में सुधार अब बेहद जरूरी हो गया है और इस दिशा में वैश्विक सहयोग की आवश्यकता है। (इनपुट: आईएएनएस)


