भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने DRM आधारित टीवी वितरण प्रणालियों के ऑडिट के लिए विस्तृत नियमावली का मसौदा जारी किया है। प्राधिकरण ने इस प्रस्तावित ढांचे पर संबंधित पक्षों से सुझाव और टिप्पणियां मांगी हैं। इसका उद्देश्य खास तौर पर इंटरनेट प्रोटोकॉल टेलीविजन (IPTV) सेवा प्रदाताओं द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली प्रणालियों के ऑडिट की प्रक्रिया को स्पष्ट करना है।
TRAI ने शुक्रवार को ‘टेलीकम्युनिकेशन (ब्रॉडकास्टिंग एंड केबल) सर्विसेज डिजिटल राइट्स मैनेजमेंट (DRM) आधारित डिजिटल एड्रेसेबल सिस्टम्स ऑडिट मैनुअल, 2026’ का मसौदा जारी किया।
प्राधिकरण के अनुसार, यह पहल टेलीकम्युनिकेशन (ब्रॉडकास्टिंग एंड केबल) सर्विसेज इंटरकनेक्शन (एड्रेसेबल सिस्टम्स) विनियम, 2017 के अनुपालन को आसान बनाने के लिए की गई है। इन नियमों के तहत टीवी चैनलों के वितरकों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली डिजिटल एड्रेसेबल प्रणालियों का हर साल ऑडिट कराना अनिवार्य है।
मौजूदा नियामकीय व्यवस्था के तहत वितरकों को अपने कंडीशनल एक्सेस सिस्टम (CAS), सब्सक्राइबर मैनेजमेंट सिस्टम (SMS), डिजिटल राइट्स मैनेजमेंट (DRM) और संबंधित अन्य प्रणालियों का वार्षिक ऑडिट कराना होता है।
TRAI ने इस साल मार्च में डिजिटल एड्रेसेबल सिस्टम्स के ऑडिट के लिए एक नियमावली जारी की थी। उसमें CAS, SMS और सेट-टॉप बॉक्स आधारित प्रणालियों के ऑडिट की विस्तृत प्रक्रिया दी गई थी। ये प्रणालियां संबंधित विनियमों की अनुसूची-III के दायरे में आती हैं। हालांकि, हितधारकों ने अनुसूची-X के तहत आने वाली DRM आधारित प्रणालियों के लिए भी इसी तरह के स्पष्ट दिशानिर्देश तैयार करने की जरूरत बताई थी।
प्राधिकरण ने कहा कि IPTV ऑपरेटरों, प्रसारकों और ऑडिटरों से मिले सुझावों के बाद DRM ऑडिट नियमावली का मसौदा तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य संबंधित पक्षों को DRM प्रणालियों के अनुपालन ऑडिट के लिए स्पष्ट मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है।
मसौदे में अनुसूची-X की शर्तों के अनुपालन की जांच के लिए प्रत्येक प्रावधान के अनुसार ऑडिट प्रक्रिया बताई गई है। इसमें सब्सक्राइबर मैनेजमेंट सिस्टम, सामग्री के एन्क्रिप्शन, पहुंच नियंत्रण व्यवस्था, फिंगरप्रिंटिंग तकनीक और सामग्री उपलब्ध कराने के लिए इस्तेमाल होने वाले सेट-टॉप बॉक्स या सॉफ्टवेयर आधारित एप्लिकेशन से जुड़े प्रावधान शामिल हैं।
प्रस्तावित नियमावली में सिग्नल शुरू होने से पहले किए जाने वाले अनुपालन ऑडिट और वार्षिक सब्सक्रिप्शन ऑडिट, दोनों के लिए कार्यक्षेत्र, जरूरी दस्तावेजों और ऑडिट प्रक्रिया का विवरण दिया गया है।
इसके अलावा, ऑडिट शुरू करने और पूरा करने की समयसीमा तय करने का भी प्रस्ताव है। इसमें वितरण मंच संचालकों (DPOs), प्रसारकों और ऑडिटरों की जिम्मेदारियों को स्पष्ट किया गया है, ताकि पूरी प्रक्रिया के दौरान जवाबदेही बनी रहे।
ऑडिट रिपोर्टिंग और अनुपालन के आकलन में एकरूपता लाने के लिए मसौदे में विक्रेता घोषणाओं, ऑडिट फॉर्म और ऑडिट रिपोर्ट के लिए मानक प्रारूप भी शामिल किए गए हैं।
-(इनपुटः आईएएनएस)


