21/08/26 | 3:01 pm | BWF World Championships 2026

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त्रिसा और गायत्री का धमाका, चीन की चौथी वरीयता प्राप्त जोड़ी को हराकर सेमीफाइनल में जगह

भारत की महिला डबल्स जोड़ी त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने BWF विश्व चैंपियनशिप में बड़ा उलटफेर करते हुए विश्व नंबर-4 चीनी जोड़ी जी यिफान और झांग शुशियान को हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया। इस जीत के साथ भारत का टूर्नामेंट में पदक पक्का हो गया है।

भारतीय जोड़ी ने एक गेम से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए चीनी जोड़ी को 16-21, 21-15, 21-13 से शिकस्त दी। इसके साथ ही त्रिसा और गायत्री विश्व चैंपियनशिप में महिला डबल्स पदक जीतने वाली भारत की दूसरी जोड़ी बन गई हैं।

इससे पहले 2011 में ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा ने महिला डबल्स में कांस्य पदक जीता था। वह भारत का महिला डबल्स में पहला विश्व चैंपियनशिप पदक था।

मैच की शुरुआत में भारतीय जोड़ी दबाव में नजर आई। जी और झांग ने 6-2 की बढ़त बनाई और पहले गेम में अपना नियंत्रण बनाए रखा। त्रिसा और गायत्री ने धीरे-धीरे आक्रामक लय हासिल की और अपने दमदार स्मैश तथा नेट पर तेज खेल के जरिए अंतर कम किया। हालांकि, चीनी जोड़ी ने पहला गेम 21-16 से अपने नाम कर लिया।

दूसरे गेम में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार वापसी की। उन्होंने लंबी रैलियों में मुकाबला किया और दबाव में भी मजबूत डिफेंस दिखाया। ब्रेक तक भारत ने 11-10 की मामूली बढ़त बना ली थी। इसके बाद त्रिसा और गायत्री ने क्रॉस-कोर्ट अटैक के जरिए लगातार दबाव बनाया और 21-15 से गेम जीतकर मुकाबला निर्णायक गेम में पहुंचा दिया।

निर्णायक गेम में स्कोर 4-4 से बराबर था, लेकिन त्रिसा के जोरदार स्मैश के बाद भारतीय जोड़ी ने लगातार सात अंक हासिल किए और 9-4 की बढ़त बना ली। ब्रेक तक भारत 11-5 से आगे था।

दूसरे हाफ में चीनी जोड़ी ने वापसी की कोशिश की, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने लगातार तीन अंक हासिल कर अपनी बढ़त मजबूत कर ली। दबाव बढ़ने के साथ चीनी खिलाड़ियों से गलतियां होने लगीं और भारत ने निर्णायक गेम 21-13 से जीतकर सेमीफाइनल में जगह बना ली।

इस जीत के साथ भारत का महिला डबल्स में 2011 के बाद पहला विश्व चैंपियनशिप पदक पक्का हो गया है।

दिन के बाद के मुकाबले में भारत की पुरुष डबल्स जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी भी पदक की दौड़ में रहेगी। पांचवीं वरीयता प्राप्त भारतीय जोड़ी क्वार्टरफाइनल में तीसरी वरीयता प्राप्त चीनी जोड़ी लियांग वेइकेंग और वांग चांग का सामना करेगी।

अगर सात्विक और चिराग यह मुकाबला जीतते हैं, तो भारत का इस विश्व चैंपियनशिप में दूसरा पदक पक्का हो जाएगा। यह सात्विक-चिराग की विश्व चैंपियनशिप में तीसरी पदक उपलब्धि भी होगी। इससे पहले दोनों ने 2022 और 2025 में कांस्य पदक जीते थे।

(इनपुट-आईएएनएस)