भारत और आर्मेनिया ने आपसी सहयोग बढ़ाने के लिए दो महत्वपूर्ण समझौते किए हैं। ये समझौते आर्मेनिया के विदेश मंत्री अरारात मिर्जोयान की भारत यात्रा के दौरान हुए। पहला समझौता भारत के सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (CDSCO) और आर्मेनिया के सेंटर ऑफ ड्रग एंड मेडिकल टेक्नोलॉजी एक्सपर्टाइज (CDMTE) के बीच हुआ,इससे दोनों देश दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा को सुनिश्चित करने में सहयोग करेंगे। दूसरा समझौता भारत के सुषमा स्वराज इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन सर्विस और आर्मेनिया के विदेश मंत्रालय के डिप्लोमेटिक स्कूल के बीच हुआ। इस समझौते से दोनों देशों के राजनयिकों को प्रशिक्षण और अनुभव साझा करने का अवसर मिलेगा।
इस दौरान, आर्मेनिया के विदेश मंत्री अरारात मिर्जोयान ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने व्यापार, अर्थव्यवस्था, शिक्षा, संस्कृति और जन-जन संपर्क जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। साथ ही, डिजिटल टेक्नोलॉजी और दवा उद्योग में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर भी विचार किया। बैठक में वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी चर्चा हुई, जहां मिर्जोयान ने भारत और आर्मेनिया के ऐतिहासिक संबंधों की सराहना की और दोनों देशों की बढ़ती मित्रता की प्रशंसा की।
जयशंकर ने आर्मेनिया में पढ़ रहे भारतीय छात्रों की देखभाल के लिए मिर्जोयान को धन्यवाद दिया और यह भी बताया कि आर्मेनिया अंतरराष्ट्रीय संगठनों जैसे इंटरनेशनल सोलर अलायंस और वॉयस ऑफ ग्लोबल साउथ में भारत के साथ मिलकर काम कर रहा है। अपनी यात्रा के दौरान, मिर्जोयान ने भारतीय वैश्विक परिषद में एक व्याख्यान दिया, जिसमें उन्होंने बदलते समय में भारत और आर्मेनिया के मजबूत होते रिश्तों पर चर्चा की।