भारत और ग्रीस ने अपने रणनीतिक रक्षा संबंधों को और गहराई देने की दिशा में अहम कदम उठाया है। ग्रीस के रक्षा मंत्री निकोस डेंडियास के भारत दौरे के दौरान नई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ हुई द्विपक्षीय बातचीत में दोनों देशों ने ज्वाइंट डिक्लेरेशन ऑफ इंटेंट पर हस्ताक्षर किए। इस डिक्लेरेशन के आधार पर भारत और ग्रीस अगले पांच साल का साझा रोडमैप तैयार करेंगे।
ज्वाइंट डिक्लेरेशन से रक्षा सहयोग को मजबूती
दोनों रक्षा मंत्रियों ने कहा कि भारत और ग्रीस की रणनीतिक साझेदारी शांति, स्थिरता, स्वतंत्रता और आपसी सम्मान जैसे साझा मूल्यों पर आधारित है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस ज्वाइंट डिक्लेरेशन ऑफ इंटेंट का उद्देश्य दोनों देशों के बीच डिफेंस इंडस्ट्रियल सहयोग को और मजबूत करना है, जिससे स्वदेशी रक्षा क्षमताओं का विस्तार हो सके।
आत्मनिर्भर भारत और एजेंडा-2030 का तालमेल
बैठक में यह तय हुआ कि भारत की ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल और ग्रीस की ‘एजेंडा-2030’ रक्षा सुधार योजना को जोड़ते हुए दोनों देश अपने-अपने रक्षा उद्योग को सशक्त बनाएंगे। इसके तहत तकनीक, उत्पादन और नवाचार के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
क्षेत्रीय शांति और सैन्य सहयोग पर चर्चा
द्विपक्षीय वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया। दोनों पक्षों ने माना कि भारत और ग्रीस के बीच रक्षा सहयोग और रणनीतिक रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं। इसके साथ ही, वर्ष 2026 के लिए द्विपक्षीय सैन्य सहयोग योजना का आदान-प्रदान किया गया, जिससे दोनों देशों की सेनाओं के बीच संयुक्त गतिविधियों की रूपरेखा तय होगी।
समुद्री सहयोग और आईएफसी–आईओआर में भागीदारी
समुद्री मामलों में दोनों प्राचीन समुद्री राष्ट्रों के बीच बेहतर समझ देखने को मिली। ग्रीस ने घोषणा की कि वह गुरुग्राम स्थित इन्फॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर–इंडियन ओशन रीजन (आईएफसी–आईओआर) में अपना एक अंतरराष्ट्रीय संपर्क अधिकारी तैनात करेगा। इससे हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सहयोग और सूचनाओं के आदान-प्रदान को मजबूती मिलेगी।
शहीदों को श्रद्धांजलि और औद्योगिक संस्थानों का दौरा
इससे पहले ग्रीस के रक्षा मंत्री ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी और मानेकशॉ सेंटर में त्रि-सेवा गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया। अपने दौरे के दौरान ग्रीक प्रतिनिधिमंडल ने बेंगलुरु और नई दिल्ली में प्रमुख रक्षा और औद्योगिक संस्थानों का दौरा भी किया। प्रतिनिधिमंडल ने डिफेंस पीएसयू, रक्षा उद्योग और स्टार्ट-अप प्रतिनिधियों से बातचीत कर सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की।
भारत–ग्रीस रिश्तों की फिर पुष्टि
रक्षा मंत्रालय का कहना है कि यह यात्रा भारत और ग्रीस के बीच लंबे समय से चले आ रहे मजबूत और मित्रतापूर्ण संबंधों की फिर से पुष्टि करती है। वहीं, इसी क्रम में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने सऊदी अरब के रियाद में आयोजित वर्ल्ड डिफेंस शो–2026 में इंडिया पवेलियन का उद्घाटन किया। करीब 400 वर्ग मीटर में फैला यह पवेलियन भारत की स्वदेशी रक्षा ताकत, डिफेंस पीएसयू और उद्योगों के अत्याधुनिक प्लेटफॉर्म के साथ ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ की सोच को दर्शाता है। (इनपुट: आईएएनएस)


