पीएम मोदी के नेतृत्व में विदेशी नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा पर जोर, देश में बढ़े FRRO कार्यालय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार विदेशी नागरिकों के प्रबंधन से जुड़े संस्थागत ढांचे को मजबूत करने के लिए विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालयों (FRROs) का विस्तार कर रही है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने वर्ष 2027 तक सभी राज्यों की राजधानियों में FRRO स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत जयपुर, चंडीगढ़, गुवाहाटी, आइजोल और अमरावती में पांच नए FRRO स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि कोहिमा, अगरतला और भुवनेश्वर में तीन नए FRRO अधिसूचित किए गए हैं। इसके साथ देश में FRRO कार्यालयों की कुल संख्या बढ़कर 20 हो गई है।

विदेशियों को स्थानीय स्तर पर बेहतर सेवाएं

पर्यटन, चिकित्सा और शिक्षा के उद्देश्य से भारत आने वाले विदेशी नागरिकों की संख्या में वृद्धि को देखते हुए सभी राज्यों में FRRO की आवश्यकता महसूस की गई है। इन कार्यालयों के विस्तार से विदेशियों को स्थानीय स्तर पर सेवाओं तक बेहतर पहुंच मिलेगी, नियामक अनुपालन मजबूत होगा और भारत को एक आकर्षक पर्यटन, चिकित्सा एवं शिक्षा गंतव्य के रूप में बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

पांच राज्यों में नए FRRO स्थापित

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशों के अनुपालन में वर्ष 2025 से पांच राज्यों की राजधानियों में पांच नए FRRO स्थापित किए गए हैं। वर्ष 2025 में जयपुर, चंडीगढ़ और गुवाहाटी में FRRO स्थापित किए गए। इससे पहले ये क्षेत्र क्रमशः दिल्ली, अमृतसर और कोलकाता स्थित FRRO के अधिकार क्षेत्र में आते थे।

आइजोल और अमरावती में भी कार्यालय शुरू

वर्ष 2026 में आइजोल और अमरावती में दो नए FRRO स्थापित किए गए हैं। इससे पहले आइजोल कोलकाता FRRO और अमरावती हैदराबाद FRRO के अधिकार क्षेत्र में था। इसके अलावा कोहिमा, अगरतला और भुवनेश्वर में नए FRRO अधिसूचित किए गए हैं। इससे पहले कोहिमा और अगरतला कोलकाता FRRO, जबकि भुवनेश्वर हैदराबाद FRRO के अधिकार क्षेत्र में था।

देश में FRRO की संख्या बढ़कर 20

नए कार्यालयों के साथ देश में FRRO की कुल संख्या बढ़कर 20 हो गई है। ये कार्यालय अहमदाबाद, अमरावती, अमृतसर, आइजोल, अगरतला, बेंगलुरु, भुवनेश्वर, कालिकट, चेन्नई, कोच्चि, चंडीगढ़, दिल्ली, गुवाहाटी, हैदराबाद, कोलकाता, कोहिमा, लखनऊ, मुंबई और तिरुवनंतपुरम सहित विभिन्न स्थानों पर कार्यरत हैं। नोट: उपलब्ध सूची में कालिकट और कोझिकोड एक ही शहर के दो नाम हैं, इसलिए कुल संख्या 20 के साथ सूची को आधिकारिक स्रोत से एक बार मिलाना उचित होगा।

नौ राज्यों में विस्तार पर काम जारी

सरकार बिहार, गोवा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर और मेघालय में FRRO की स्थापना पर काम कर रही है। इससे विदेशियों को वीजा विस्तार, वीजा रूपांतरण, इमिग्रेशन अनुपालन और अन्य पात्र सेवाएं स्थानीय स्तर पर प्राप्त करने में सुविधा होगी। साथ ही, राज्य प्राधिकरणों के साथ समन्वय बेहतर होगा और इमिग्रेशन कानूनों तथा राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं के प्रभावी कार्यान्वयन को मजबूती मिलेगी।

e-FRRO से 35 ऑनलाइन सेवाओं की सुविधा

e-FRRO व्यवस्था के माध्यम से विदेशियों को पंजीकरण, वीजा विस्तार, वीजा रूपांतरण और अन्य पात्र इमिग्रेशन सेवाओं के लिए 35 ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। इससे कार्यालयों में भौतिक रूप से जाने की आवश्यकता कम होती है और सेवाओं की प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक एवं पारदर्शी बनती है।

सुविधा और सुरक्षा पर दोहरा फोकस

FRRO के विस्तार का उद्देश्य भारत में विदेशियों की वैध यात्रा और प्रवास को सुविधाजनक बनाने के साथ-साथ इमिग्रेशन कानूनों और सुरक्षा आवश्यकताओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। इमिग्रेशन एवं विदेशी अधिनियम, 2025 ने इमिग्रेशन और विदेशियों से संबंधित चार पूर्ववर्ती कानूनों को समेकित कर विदेशी नागरिकों के प्रवेश, ठहरने, आवागमन और प्रस्थान के नियमन के लिए एक एकीकृत वैधानिक ढांचा प्रदान किया है।

FRRO को इमिग्रेशन ब्यूरो से सहायता

अधिनियम के तहत मुख्य रूप से इमिग्रेशन संबंधी कार्य करने वाला इमिग्रेशन ब्यूरो अपने कर्तव्यों के निर्वहन में भारत सरकार द्वारा अधिकृत FRRO से सहायता प्राप्त करता है। इससे देशभर में विदेशी नागरिकों के प्रबंधन और इमिग्रेशन व्यवस्था के क्रियान्वयन में समन्वित प्रणाली विकसित होती है।

वैध प्रवास और पंजीकरण की निगरानी

FRRO भारत आने वाले या भारत में निवास करने वाले विदेशी नागरिकों के वैध प्रवास को विनियमित, ट्रैक और सुगम बनाता है। पात्र श्रेणी के विदेशियों के आगमन के बाद पंजीकरण किया जाता है और पंजीकरण प्रमाणपत्र (RC) या आवासीय परमिट जारी किया जाता है। विदेशी नागरिकों के आवासीय पते, पासपोर्ट विवरण और देश के भीतर यात्रा से जुड़े बदलावों को भी दर्ज किया जाता है।

संरक्षित क्षेत्रों की यात्रा की अनुमति

FRRO संरक्षित और प्रतिबंधित क्षेत्रों की यात्रा के लिए आवश्यक अनुमति प्रदान करता है। इसके अलावा, ऐसे विदेशियों को निकास परमिट जारी किए जाते हैं जिनके वीजा की अवधि समाप्त हो चुकी है, जो निर्धारित अवधि से अधिक समय तक भारत में रह चुके हैं या जिन्हें भारत छोड़ने से पहले औपचारिक मंजूरी की आवश्यकता होती है।

वीजा उल्लंघन और ओवरस्टे पर निगरानी

FRRO भारतीय इमिग्रेशन कानूनों के अनुपालन पर नजर रखता है और ओवरस्टे तथा वीजा उल्लंघन से जुड़े मामलों को देखता है। आवश्यकता पड़ने पर कानूनी कार्रवाई या दंडात्मक प्रक्रिया के समन्वय में भी इसकी भूमिका रहती है। इस तरह FRRO का विस्तार एक ओर वैध विदेशी आगंतुकों के लिए सेवाओं को आसान बनाता है, वहीं दूसरी ओर इमिग्रेशन प्रबंधन और राष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करता है। (इनपुट: पीआईबी)

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