युवा संगम के छठे चरण के अंतर्गत ओडिशा और तेलंगाना में आयोजित शैक्षिक एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रमों के दौरान विभिन्न राज्यों के छात्र प्रतिनिधिमंडलों ने स्थानीय संस्कृति, विरासत, नवाचार और विकास पहलों का अनुभव प्राप्त किया। इस दौरान ओडिशा के राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कम्भमपति और तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने छात्रों से संवाद कर राष्ट्र निर्माण और राष्ट्रीय एकता में युवाओं की भूमिका पर जोर दिया।
ओडिशा में गुजरात के छात्र प्रतिनिधिमंडल से मिले राज्यपाल
ओडिशा के राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कम्भमपति ने 27 मई 2026 को युवा संगम के छठे चरण में भाग लेने वाले गुजरात के छात्र प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आईआईएम) अहमदाबाद के नेतृत्व में आए इस प्रतिनिधिमंडल का आयोजन नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी) राउरकेला ने किया था। राज्यपाल ने संवाद के दौरान राष्ट्र निर्माण, सांस्कृतिक समझ और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने में युवाओं की भूमिका को रेखांकित किया।
ओडिशा की संस्कृति, उद्योग और नवाचार से हुए रूबरू
छात्रों ने अपनी यात्रा के दौरान कोणार्क सूर्य मंदिर और मां समलेश्वरी मंदिर सहित कई ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों का भ्रमण किया। उन्होंने स्थानीय कारीगरों से मुलाकात कर ओडिशा की वस्त्र परंपराओं को समझा तथा मुंडा जनजातीय समुदाय के साथ सांस्कृतिक आदान-प्रदान में भाग लिया। प्रतिनिधिमंडल ने एनआईटी राउरकेला की एफबीटीबीआई प्रयोगशाला, राउरकेला इस्पात संयंत्र, हीराकुड बांध और बिरसा मुंडा हॉकी स्टेडियम का भी दौरा किया, जिससे उन्हें राज्य के औद्योगिक, तकनीकी और खेल विकास की जानकारी मिली।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में भी लिया हिस्सा
सतत विकास से जुड़ी गतिविधियों के तहत छात्रों ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में भाग लेकर पौधारोपण किया। साथ ही पर्यावरण संरक्षण और जैविक खेती की जानकारी भी प्राप्त की। यह यात्रा 30 मई 2026 को आयोजित समापन कार्यक्रम के साथ संपन्न हुई।
तेलंगाना में मेघालय के छात्र प्रतिनिधिमंडल से संवाद
दूसरी ओर, तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने 28 मई 2026 को हैदराबाद स्थित लोक भवन में मेघालय के छात्र प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट शिलांग के नेतृत्व में आए छात्र राष्ट्रीय एकता और अंतर-सांस्कृतिक शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तेलंगाना के दौरे पर थे।
राष्ट्रीय एकता और लोकतांत्रिक मूल्यों पर जोर
राज्यपाल ने युवाओं से संवाद के दौरान राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक समझ और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। छात्रों ने भी युवा संगम यात्रा के अपने अनुभव साझा किए और राज्यपाल को स्मृति चिन्ह भेंट किया। इस संवाद ने प्रतिभागियों को भारत की विविधता, लोकतांत्रिक मूल्यों और एकता की भावना को और गहराई से समझने का अवसर प्रदान किया।
तेलंगाना की विरासत और नवाचार मॉडल से परिचित हुए छात्र
प्रतिनिधिमंडल ने हुसैन सागर झील, स्टैच्यू ऑफ इक्वेलिटी, रामप्पा मंदिर, वारंगल किला, भद्रकाली मंदिर और हजार स्तंभ मंदिर सहित कई प्रमुख स्थलों का भ्रमण किया। इसके अलावा छात्रों ने कान्हा शांति वनम और टी-हब का दौरा कर समग्र स्वास्थ्य और भारत के बढ़ते स्टार्टअप एवं नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र की जानकारी प्राप्त की। एनआईटी वारंगल में उन्होंने अनुसंधान और नवाचार सुविधाओं का अवलोकन किया तथा वृक्षारोपण अभियान में भी भाग लिया।
राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने की पहल है युवा संगम
शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा शुरू किया गया युवा संगम कार्यक्रम गहन शैक्षिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के माध्यम से राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक सद्भाव और भावनात्मक एकीकरण को मजबूत करने का प्रयास करता है। इस पहल के माध्यम से विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के युवाओं को एक-दूसरे की संस्कृति, परंपराओं और विकास मॉडलों को समझने का अवसर मिलता है। (इनपुट: पीआईबी)


