देश में श्रमिक सुरक्षा और स्वास्थ्य को मजबूत करने के लिए सरकार ने कहा है कि नए श्रम कानूनों के लागू होने से अब सभी मजदूरों के लिए एक समान सुरक्षा और स्वास्थ्य मानक सुनिश्चित किए जाएंगे।
सरकार ने चार एकीकृत श्रम संहिताएं लागू की हैं —
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Code on Wages, 2019
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Industrial Relations Code, 2020
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Code on Social Security, 2020
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Occupational Safety, Health and Working Conditions (OSH) Code, 2020
OSH Code, 2020 का उद्देश्य पुरानी 13 केंद्रीय श्रम कानूनों को हटाकर एक ही सरल कानून में बदलना है ताकि उद्योगों और राज्यों/UTs में नियम एक समान रहें।
सरकार के अनुसार, यह नया कोड पारदर्शिता बढ़ाने, मजदूरों के कल्याण को मजबूत करने और भारत में Ease of Doing Business को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया है।
नए नियमों के अनुसार:
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500 या अधिक कर्मचारियों वाले कारखानों में
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250 या अधिक बिल्डिंग और कंस्ट्रक्शन वर्कर्स (BOCW) वाले संस्थानों में
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और 100 या अधिक कर्मचारियों वाली खानों (mines) में
सेफ्टी कमेटी बनाना अनिवार्य होगा, जिसमें कर्मचारियों और नियोक्ताओं दोनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
पहले स्वास्थ्य और सुरक्षा के नियम सिर्फ 7 सेक्टरों पर लागू थे — फैक्ट्री, माइन, प्लांटेशन, बीड़ी-सिगार, डॉक वर्कर्स, BOCW और मोटर ट्रांसपोर्ट।
अब ये सुविधाएं सभी सेक्टरों के मजदूरों को मिलेंगी।
हर कर्मचारी को साल में एक बार फ्री हेल्थ चेकअप मिलेगा।
प्लांटेशन सेक्टर के नियोक्ता अब ESI सुविधा भी ले सकेंगे।
सरकार का कहना है कि इससे बीमारियों का जल्दी पता चलेगा, इलाज की लागत कम होगी और कर्मचारियों की उत्पादकता बढ़ेगी।
लॉन्ग-टर्म व्यावसायिक जोखिम कम होंगे और इंडस्ट्री को कम अनुपस्थिति (absenteeism) का लाभ मिलेगा।
National Occupational Safety and Health Advisory Board पूरे देश के लिए सुरक्षा और स्वास्थ्य मानकों को तय करेगा जिन्हें सभी राज्यों को अनिवार्य रूप से पालन करना होगा।
सोशल सिक्योरिटी फंड का उद्देश्य है—
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काम और निजी जीवन के बीच संतुलन
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अतिरिक्त कार्य के बदले उचित भुगतान
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ओवरटाइम को पारदर्शी और सहमति आधारित बनाना
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और कर्मचारियों को दोगुने वेतन दर पर ओवरटाइम कमाकर अधिक आय का मौका देना


