प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को पश्चिम एशिया संकट के बीच घरेलू एयरलाइंस को ATF (विमानन ईंधन) की कीमतों में स्थिरता प्रदान करने के लिए 10,000 करोड़ रुपये की एकमुश्त बजटीय सहायता को मंजूरी दे दी।
यह राशि तेल विपणन कंपनियों (OMCs) को ब्याज-मुक्त अग्रिम के रूप में दी जाएगी, ताकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ATF की कीमतों में हो रहे भारी उतार-चढ़ाव का बोझ एयरलाइंस पर न पड़े।
मुख्य बातें
– सहायता 36 महीने (3 वर्ष) के लिए लागू रहेगी, जिसमें सालाना समीक्षा का प्रावधान है।
– जब ATF का आयात समता मूल्य (Import Parity Price) निर्धारित बेंचमार्क मूल्य से अधिक होगा, तब OMCs को होने वाले नुकसान की भरपाई की जाएगी।
– जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में ATF की कीमतें कम होंगी, तो अतिरिक्त राशि OMCs से वसूल कर भारत की संचित निधि में जमा की जाएगी।
– योजना उन सभी अनुसूचित भारतीय एयरलाइंस के लिए उपलब्ध होगी जो घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों परिचालन करती हैं।
एयरलाइंस पर क्या असर?
– एयरलाइंस को ATF की कीमतों में स्थिरता और बेहतर पूर्वानुमान मिलेगा।
– एयरलाइंस को तीन वर्ष तक ATF केवल OMCs से ही खरीदना होगा (MoU के माध्यम से)।
– इससे एयरलाइंस को ईंधन लागत के जोखिम से सुरक्षा मिलेगी, जिससे परिचालन और वित्तीय योजना आसान होगी।
सरकार के अनुसार, इस फैसले से पर्यटन, व्यापार, आतिथ्य, निर्यात, क्षेत्रीय विकास और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
मार्च 2026 में ATF की कीमत 60.50 रुपये प्रति लीटर थी, जो मई 2026 में बढ़कर 142 रुपये प्रति लीटर हो गई — यानी करीब 2.5 गुना की बढ़ोतरी।
यह कैबिनेट निर्णय पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के कारण एयरलाइन उद्योग को सस्ता और स्थिर ईंधन उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। (इनपुट-एजेंसी)


