केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को लोकसभा में बताया कि सरकार NEET UG पेपर लीक मामले पर चर्चा करने के लिए तैयार है। निचले सदन को संबोधित करते हुए रिजिजू ने कहा, “सरकार ने पिछले तीन दिनों से औपचारिक रूप से चर्चा का प्रस्ताव दिया है। सरकार NEET पेपर लीक के मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार है। चर्चा नियमों के आधार पर होगी और इसकी अवधि क्या होगी, इस पर सभी दलों के नेताओं के साथ बातचीत होनी चाहिए कि चर्चा कब और कैसे हो।”
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तैयार है और उन्होंने विपक्षी दलों को चर्चा के एजेंडे पर बातचीत के लिए आमंत्रित किया। किरेन रिजिजू की टिप्पणी के बाद, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि NEET पेपर लीक पर चर्चा राजनीतिक दलों के हितों से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा, “ये हमारे छात्र हैं और हम उनके लिए लड़ रहे हैं; वे सड़कों पर उतरेंगे। यह मुद्दा केवल इस्तीफे तक सीमित नहीं है, बल्कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का है। प्रधानमंत्री मोदी को सदन में बयान देना चाहिए।”
विपक्ष के हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। इससे पहले, कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि विपक्ष ने सर्वसम्मति से स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से कथित NEET और CBSE परीक्षा पेपर लीक मामले पर चर्चा की मांग जारी रखने का फैसला किया है, साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की अपनी मांग को भी दोहराया है।
संसद परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए वेणुगोपाल ने कहा कि विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर चर्चा की है और स्थगन प्रस्ताव के तहत बहस की मांग करने पर सहमति व्यक्त की है। उन्होंने कहा, “आज सुबह हमने विपक्षी दलों के साथ चर्चा की। हमने बहुत स्पष्ट रूप से निर्णय लिया – परसों, कल और आज – पिछले तीन दिनों से हम लगातार NEET-CBSE परीक्षा लीक मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव दे रहे हैं, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और इस लीक समस्या को रोकने के लिए एक उचित कार्य योजना की मांग कर रहे हैं।”
वेणुगोपाल ने कहा कि अगर सरकार स्थगन प्रस्ताव स्वीकार करती है तो विपक्ष चर्चा करने को तैयार है। विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में सरकार के खिलाफ काले कपड़े पहनकर विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और प्रियंका गांधी समेत कई नेता शामिल हुए। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि छात्रों की मांगें जायज हैं और वे अपने अधिकार मांग रहे हैं। (इनपुट-एजेंसी)


