केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी ने गुंटूर में आधुनिकीकृत ‘जन सेवा कनेक्ट’ डाकघरों का किया उद्घाटन

संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी ने गुंटूर में ‘जन सेवा कनेक्ट’ पहल के तहत आधुनिकीकृत कोथापेटा और चंद्रमौली नगर उप-डाकघरों का उद्घाटन किया। अत्याधुनिक नागरिक सेवा केंद्रों के रूप में विकसित इन डाकघरों में डाक, बैंकिंग, डिजिटल और लॉजिस्टिक्स सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी। इस दौरान उन्होंने कहा कि इंडिया पोस्ट तेजी से डिजिटल और नागरिक-केंद्रित सेवा नेटवर्क के रूप में विकसित हो रहा है।

इंडिया पोस्ट में 5,785 करोड़ रुपए का डिजिटल बदलाव

डॉ. पेम्मासानी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया के मार्गदर्शन में इंडिया पोस्ट अपने 170 वर्ष के इतिहास के सबसे बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। उन्होंने बताया कि आईटी 2.0 और एडवांस्ड पोस्टल टेक्नोलॉजी (APT) 2.0 के तहत 5,785 करोड़ रुपए के निवेश से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), क्लाउड आधारित प्लेटफॉर्म और रियल-टाइम डाटा को देशभर के 1.65 लाख से अधिक डाकघरों से जोड़ा जा रहा है, जिनमें लगभग 90% ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित हैं।

कॉर्पोरेट मॉडल पर हो रहा है संचालन

राज्य मंत्री ने कहा कि इंडिया पोस्ट ने मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (CTO), मुख्य विपणन अधिकारी (CMO) और उप CTO जैसे रणनीतिक पद सृजित कर कॉर्पोरेट शैली के संचालन मॉडल को अपनाया है। मासिक प्रदर्शन समीक्षा, जवाबदेही व्यवस्था और ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण के माध्यम से विभाग को अधिक दक्ष और प्रतिस्पर्धी बनाया जा रहा है।

लॉजिस्टिक्स और ई-कॉमर्स सेवाओं का विस्तार

उन्होंने बताया कि इंडिया Post ने संशोधित मूल्य निर्धारण, अधिक छूट, ‘बाय नाउ पे लेटर’ (BNPL), विशेष पैकेजिंग, जियोटैग डिलीवरी, एसएमएस ट्रैकिंग, ओटीपी आधारित डिलीवरी और 24 से 48 घंटे की डिलीवरी जैसी सुविधाएं शुरू की हैं। ओएनडीसी, जीईएम, अमेज़न, फ्लिपकार्ट, पतंजलि और डीएचएल जैसे साझेदारों के साथ सहयोग से ई-कॉमर्स और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क का विस्तार हुआ है।

डाकघर बन रहे हैं एकीकृत सेवा केंद्र

चंद्र शेखर पेम्मासानी ने कहा कि डाकघर अब यूपीआई भुगतान, आधार नामांकन एवं अपडेट, पासपोर्ट सेवाएं, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक की डोरस्टेप बैंकिंग, डाक जीवन बीमा, ग्रामीण डाक जीवन बीमा और विभिन्न बचत योजनाओं जैसी सेवाएं भी उपलब्ध करा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इंडिया पोस्ट 3.8 करोड़ से अधिक सुकन्या समृद्धि योजना खातों का संचालन कर रहा है और 60% से अधिक डाक लेनदेन अब डिजिटल माध्यम से हो रहे हैं।

जीडीएस कर्मचारियों की भूमिका को सराहा

राज्य मंत्री ने कहा कि ग्रामीण डाक सेवक (GDS) और डाक कर्मचारी इस बदलाव की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। प्रशिक्षण, डिजिटल क्षमता निर्माण, बिक्री मार्गदर्शन और प्रदर्शन आधारित व्यवस्था के माध्यम से उन्हें ग्रामीण भारत में वित्तीय समावेशन और डिजिटल सेवाओं का मजबूत माध्यम बनाया जा रहा है।

पहली तिमाही में इंडिया पोस्ट का रिकॉर्ड प्रदर्शन

उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में इंडिया पोस्ट ने 4,009 करोड़ रुपए का रिकॉर्ड राजस्व अर्जित किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 22% अधिक है। इस दौरान शून्य लेनदेन वाले खातों में 90% से अधिक की कमी आई, जबकि प्रभावी क्षमता अनुपात (ECR) 41% से बढ़कर 47% हो गया।

आंध्र प्रदेश डाक सर्कल बना देश में नंबर-1

डॉ. पेम्मासानी ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में आंध्र प्रदेश डाक सर्कल देश का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला सर्कल रहा। इसने अपने तिमाही कारोबार लक्ष्य का 102% हासिल करते हुए 233.7 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया। पार्सल कारोबार में 140% की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि ‘जयहो भीमा संकल्प’ अभियान के तहत 50 करोड़ रुपए से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ। उन्होंने बताया कि आंध्र प्रदेश सरकार की कई प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं के तहत लगभग 33% भुगतान डाक नेटवर्क के माध्यम से किए जा रहे हैं।

स्थानीय संस्कृति से प्रेरित हैं नए डाकघर

गुंटूर के दोनों आधुनिकीकृत डाकघरों का निर्माण आंध्र प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को ध्यान में रखकर किया गया है। 51.81 लाख रुपए की लागत से विकसित कोथापेटा उप-डाकघर की डिजाइन 1975 के कुचिपुड़ी स्मारक डाक टिकट से प्रेरित है, जबकि 64.13 लाख रुपए की लागत से आधुनिकीकृत चंद्रमौली नगर उप-डाकघर की वास्तुकला तिरुमाला के आनंद निलयम टावर से प्रेरित है।

विकसित भारत के लक्ष्य को मिलेगा बल

अपने संबोधन के अंत में डॉ. पेम्मासानी ने कहा कि ‘विकसित भारत’ केवल सरकार का मिशन नहीं, बल्कि देश की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विश्वास जताया कि ‘जन सेवा कनेक्ट’ पहल के तहत प्रत्येक डाकघर नागरिकों के लिए भरोसेमंद सेवा केंद्र बनकर छात्रों, उद्यमियों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाएगा। (इनपुट: पीआईबी)