केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वेडफुल के साथ मुलाकात में डिफेंस, स्पेस, इनोवेशन और ऑटोमोबाइल क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर व्यापक चर्चा की। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
बाजार पहुंच और व्यापार वृद्धि पर जोर
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि उन्होंने जर्मन विदेश मंत्री के साथ व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों की बैठक की सह-अध्यक्षता की। इस दौरान बाजार तक पहुंच, रेगुलेटरी फ्रेमवर्क और व्यापार बढ़ाने पर चर्चा हुई। गोयल ने कहा, “हमने डिफेंस, स्पेस, इनोवेशन और ऑटोमोबाइल में सहयोग पर भी चर्चा की, जिससे दोनों देशों के बीच साझेदारी को बढ़ाया जा सके।”
उत्पादक रही बैठक, नए अवसरों की तलाश
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने एक अन्य पोस्ट में बताया कि बैठक काफी प्रोडक्टिव रही। हमारी चर्चा द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों को बढ़ावा देने पर केंद्रित थी, साथ ही साझा विकास और समृद्धि के लिए इनोवेशन, सस्टेनेबिलिटी, टेक्नोलॉजी और पारस्परिक हित के अन्य क्षेत्रों में सहयोग के नए रास्ते तलाशने पर भी चर्चा हुई।
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर का जर्मन कंपनियों को आश्वासन
इसके अलावा विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने भी अपने जर्मन समकक्ष के साथ मुलाकात की। संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉ. जयशंकर ने कहा, “हम भारत में कारोबार की सुगमता को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और मैंने आज अपने जर्मनी के समकक्ष को आश्वासन दिया कि भारत में आने वाली, यहां स्थापित होने वाली, यहां काम करने वाली जर्मन कंपनियों की किसी भी चिंता पर हम विशेष ध्यान देने के लिए तैयार हैं।”
जर्मनी: भारत का प्रमुख व्यापारिक साझेदार
जर्मन विदेश मंत्री जोहान वेडफुल ने भारत को जर्मनी का महत्वपूर्ण आर्थिक और व्यापारिक साझेदार बताया। उन्होंने कहा कि भारत में 200 से अधिक जर्मन कंपनियां सक्रिय हैं। 2024-25 में जर्मनी भारत का 8वां सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार रहा, जबकि अप्रैल 2000 से मार्च 2025 तक 15.11 अरब डॉलर के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के साथ यह भारत में 9वां सबसे बड़ा निवेशक है। (इनपुट-एजेंसी)


