अमेरिका ने ईरान के क्रिप्टो नेटवर्क पर लगाया प्रतिबंध, IRGC को धन पहुंचाने का आरोप

अमेरिका ने ईरान के एक क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज और उसकी सॉफ्टवेयर डेवलपर कंपनी पर प्रतिबंध लगाया है। अमेरिकी वित्त विभाग ने आरोप लगाया कि इस नेटवर्क के जरिए ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को करोड़ों डॉलर मूल्य के बिटकॉइन पहुंचाने में मदद की गई।

अमेरिकी वित्त विभाग के अनुसार, BitBank नाम का एक्सचेंज बाबक जंजानी के नियंत्रण वाले कथित प्रतिबंध से बचने वाले नेटवर्क का हिस्सा था। यह कार्रवाई ट्रंप प्रशासन के ईरान और उसके वित्तीय सहयोगियों के खिलाफ आर्थिक अभियान ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ के तहत की गई।

पांच लोगों और दो संस्थाओं पर कार्रवाई

अमेरिका ने BitBank, उसकी सॉफ्टवेयर डेवलपर कंपनी Pishtaz Simorgh Electronic Trade Company और तीन लोगों पर प्रतिबंध लगाया है। इनमें Hossein Ali Zaker Hossein, Mohammad Mahdi Zaker Hossein और Seyed Adel Heidari शामिल हैं।

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि ईरानी शासन को क्रिप्टोकरेंसी के जरिए धन पहुंचाने की कोशिशों पर अमेरिकी वित्त विभाग की नजर है। उन्होंने कहा कि जो लोग ईरानी शासन का समर्थन करेंगे, उनके खिलाफ प्रतिबंध लगाए जाएंगे।

वित्त विभाग ने आरोप लगाया कि जंजानी ने जून और जुलाई के दौरान BitBank का इस्तेमाल कर करोड़ों डॉलर मूल्य के बिटकॉइन IRGC तक पहुंचाने में मदद की। विभाग ने यह भी कहा कि प्रतिबंधित Hormuz Safe Marine Services Authority ने जून से इस मंच का इस्तेमाल ईरानी सरकार को भुगतान की गई रकम भेजने के लिए किया।

इस मामले में BitBank, जंजानी, अन्य प्रतिबंधित लोगों या ईरानी सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं कराई गई है।

BitBank और उसके संचालकों पर क्या आरोप

अमेरिकी वित्त विभाग के अनुसार, जंजानी कम से कम 2024 से अपने सोशल मीडिया खातों पर BitBank का प्रचार करता रहा है। उसके कथित प्रतिबंध से बचने वाले नेटवर्क की कई कंपनियों ने भी BitBank को अपना साझेदार बताया है।

विभाग ने कहा कि BitBank के डिजिटल संपत्ति से जुड़े सॉफ्टवेयर को विकसित करने वाली Pishtaz Simorgh, पहले से प्रतिबंधित Dot One Value Creation Group की सहायक कंपनी है। BitBank और उसकी डेवलपर कंपनी पर ईरान के डिजिटल संपत्ति क्षेत्र में काम करने के आधार पर कार्रवाई की गई।

वित्त विभाग ने तीनों व्यक्तियों को Dot One के अधिकारियों और जंजानी के नेटवर्क से जुड़े लोगों के रूप में चिन्हित किया है। विभाग का आरोप है कि Hossein Ali Zaker Hossein ईरान के तेल निर्यात और डिजिटल संपत्ति से जुड़े लेनदेन में शामिल था और कुछ ऐसे सौदों में मध्यस्थ की भूमिका निभाई, जिनसे मिली रकम अंततः IRGC तक पहुंची।

Mohammad Mahdi Zaker Hossein, Pishtaz Simorgh के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और Dot One के प्रबंधक एवं प्रतिनिधि हैं। वहीं, Heidari Dot One के बोर्ड के उपाध्यक्ष हैं।

अमेरिका में संपत्ति पर भी असर

अमेरिकी वित्त विभाग के अनुसार, प्रतिबंध के तहत अमेरिका में मौजूद या अमेरिकी नागरिकों के नियंत्रण वाली संबंधित संपत्तियां और उनमें हित अवरुद्ध हो जाएंगे। ऐसी संस्थाएं भी प्रतिबंध के दायरे में आएंगी, जिनमें एक या अधिक प्रतिबंधित व्यक्तियों की कम से कम 50 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

अमेरिकी विदेश विभाग ने अलग से सरकारों और निजी कंपनियों, खासकर डिजिटल संपत्ति से जुड़ी कंपनियों से ईरान द्वारा उनके मंचों के इस्तेमाल के प्रति सतर्क रहने को कहा है।

विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय एक्सचेंजों ने ईरान, जिसमें उसका केंद्रीय बैंक भी शामिल है, को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली तक पहुंच उपलब्ध कराई है।

-(इनपुटः IANS)