अमेरिका-ईरान हमलों से शांति वार्ता और मुश्किल, यूरोपियन यूनियन ने जताई चिंता

यूरोपियन यूनियन (EU) की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास ने अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच गोलीबारी से युद्ध समाप्त करने की पहले से ही जटिल कोशिशें और मुश्किल हो गई हैं। एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए कल्लास ने कहा, “अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य हमलों से क्षेत्रीय शांति पर सीधा असर पड़ रहा है। बहरीन और कुवैत पर ईरान के हमले बिल्कुल स्वीकार्य नहीं हैं।”

होर्मुज जलडमरूमध्य पर चिंता

ईयू की हाई रिप्रेजेंटेटिव ने ईरान को उसके पुराने वादों की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि समझौते के तहत तेहरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने का वादा किया था, लेकिन हालिया हमलों से उस वादे का उल्लंघन हुआ है। इससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय नेविगेशन की आजादी पर खतरा पैदा हो गया है। कल्लास ने घोषणा की कि अगले सोमवार को EU के विदेश मंत्री खाड़ी देशों के अपने समकक्षों के साथ बैठक करेंगे। बैठक में समझौते को लागू करने और होर्मुज जलडमरूमध्य तथा लाल सागर में समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने पर चर्चा होगी।

ट्रंप का सख्त रुख

इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया कि ईरान के साथ युद्ध विराम समझौता अब उनके लिए खत्म हो गया है। तुर्की में NATO शिखर सम्मेलन के दौरान ट्रंप ने कहा, “मेरे हिसाब से यह खत्म हो गया है। मैं अब उनके साथ कोई बातचीत नहीं करना चाहता। वे घटिया लोग हैं। वे झूठे, धोखेबाज और बीमार मानसिकता वाले लोग हैं।” ट्रंप ने पुष्टि की कि अमेरिकी सेना ने रात के समय ईरान के अंदर “बहुत खतरनाक लोगों” को निशाना बनाया था।

ईरान का पलटवार

वहीं ईरान की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया आई है। ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेरी ग़ालिबाफ़ ने अमेरिका पर MoU के कई उल्लंघनों का आरोप लगाया। उन्होंने X पर लिखा, “धौंस जमाने और जबरन वसूली का दौर खत्म हो गया है। हम झुकेंगे नहीं।” वर्तमान स्थिति अत्यंत तनावपूर्ण बनी हुई है। होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन वाणिज्यिक जहाजों पर हमले के बाद अमेरिका ने ईरानी ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमले किए, जिससे वैश्विक कूटनीति और ऊर्जा सुरक्षा दोनों पर गहरा असर पड़ रहा है। ईयू अब इस संकट को कूटनीतिक माध्यम से सुलझाने की कोशिश कर रहा है। (इनपुट-एजेंसी)