12/12/25 | 11:36 pm

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निवेश और इंडस्ट्री का हब बन रहा यूपी, डिफेंस कॉरिडोर परियोजना ने पकड़ी रफ्तार

यूपी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (यूपीडीआईसी) अब जमीनी स्तर पर तेजी से आकार ले रही है। रक्षा और एयरोस्पेस सेक्टर में देश को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई इस परियोजना में निवेश, भूमि आवंटन और एमओयू के मोर्चे पर उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है।

कॉरिडोर के छह नोड्स में कंपनियों को भूमि आवंटित

कॉरिडोर के छह नोड्स में कंपनियों को भूमि आवंटित करने, बड़े औद्योगिक समूहों को आकर्षित करने और जमीन अधिग्रहण पूरा होने के साथ उत्तर प्रदेश अब गुजरात और तमिलनाडु जैसे पारंपरिक रक्षा विनिर्माण केंद्रों को कड़ी प्रतिस्पर्धा दे रहा है। अधिकारियों के अनुसार अब तक 62 कंपनियों को 977.54 हेक्टेयर से अधिक भूमि आवंटित की जा चुकी है, जिनसे 11,997 करोड़ रुपए के निवेश और 14,256 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार सृजन की संभावना सुनिश्चित हुई है।

23,000 करोड़ रुपए के निवेश और 38,000 से अधिक रोजगार सृजन का अनुमान

इसके अलावा, 110 कंपनियों के साथ एमओयू की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, जिनसे करीब 23,000 करोड़ रुपए के निवेश और 38,000 से अधिक रोजगार सृजन का अनुमान है।

वर्तमान में 1,598 हेक्टेयर से अधिक भूमि आवंटन

एक अधिकारी ने बताया कि यूपी एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीईआईडीए) ने अलीगढ़, कानपुर, लखनऊ, झांसी, चित्रकूट और आगरा सहित सभी नोड्स के लिए कुल 2,097 हेक्टेयर से अधिक भूमि को मंजूरी दी है, जिनमें से 2,040 हेक्टेयर से ज्यादा भूमि का अधिग्रहण पूरा किया जा चुका है। वर्तमान में 1,598 हेक्टेयर से अधिक भूमि आवंटन के लिए उपलब्ध है।

अलीगढ़ में सबसे अधिक 24 कंपनियों को प्लॉट आवंटित

अलीगढ़ में सबसे अधिक 24 कंपनियों को प्लॉट आवंटित किए गए हैं, जबकि कानपुर में 210 हेक्टेयर भूमि के साथ सबसे बड़ी आवंटन प्रक्रिया पूरी की गई है। झांसी में 17 कंपनियों को 571 हेक्टेयर और लखनऊ में 16 कंपनियों को 131 हेक्टेयर से अधिक भूमि दी गई है। अन्य नोड्स-चित्रकूट, आगरा और अलीगढ़ फेज-2 में भी आवंटन प्रक्रिया जल्द शुरू होने वाली है।

कॉरिडोर के लिए अब तक कुल 197 एमओयू साइन

कॉरिडोर के लिए अब तक कुल 197 एमओयू साइन किए जा चुके हैं, जिनमें से 172 औद्योगिक श्रेणी के हैं। इनकी कुल निवेश क्षमता 34,844 करोड़ रुपए है, जिनसे लगभग 52,658 नौकरियां सृजित होने की उम्मीद है।

परियोजना को मुख्यमंत्री ने ‘मेक इन इंडिया’ और ‘एक जिला-एक उत्पाद’ मॉडल से जोड़ा

तेजी से प्रगति कर रही इस परियोजना को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने न सिर्फ ‘मेक इन इंडिया’ और ‘एक जिला–एक उत्पाद’ मॉडल से जोड़ा है, बल्कि इसे उत्तर प्रदेश की भविष्य की औद्योगिक अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार भी बताया है। रक्षा विनिर्माण के क्षेत्र में यूपी की बढ़ती क्षमता का सबसे बड़ा उदाहरण लखनऊ नोड में स्थापित ब्रह्मोस मिसाइल उत्पादन इकाई है, जिसका संचालन शुरू होने से इस कॉरिडोर की रणनीतिक अहमियत और बढ़ गई है।

कई बड़े निवेश और औद्योगिक इकाइयों की घोषणा होने की संभावना

यूपीईआईडीए के एसीईओ एच.पी. शाही के अनुसार, आने वाले महीनों में कई बड़े निवेश और औद्योगिक इकाइयों की घोषणा होने की संभावना है, जिससे राज्य के ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी लक्ष्य को और मजबूती मिलेगी। (इनपुट: आईएएनएस)