उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने हर घर तिरंगा रैली को दिखाई हरी झंडी, वंदे मातरम को बताया स्वतंत्रता संग्राम में प्रेरक शक्ति

हर घर तिरंगा अभियान के तहत आज बुधवार को भारत मंडपम में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। उपराष्ट्रपति ने हरी झंडी दिखाकर बाइक रैली को रवाना किया।

इस दौरान,सीपी राधाकृष्णन ने कहा, “हमारे राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के 150वें साल का जश्न मनाते हुए मैं गहरी भावनाओं से भर गया हूं। ‘वंदे मातरम’ शब्दों ने भारतीयों के दिलों में देशभक्ति की भावना जगाई और हमारी मातृभूमि से औपनिवेशिक शासन को खत्म करने के संघर्ष में एक बड़ी ताकत बने।”

उन्होंने कहा, “हमारा स्वतंत्रता संग्राम भारतीय मन, आत्मा और चेतना की जागृति थी। इसने आज़ादी के एक साझे सपने के ज़रिए अलग-अलग क्षेत्रों, भाषाओं, धर्मों और सामाजिक पृष्ठभूमियों के लोगों को एकजुट किया।”

सीपी राधाकृष्णन ने कहा, “हमारे अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों के लिए, यह गीत सिर्फ कुछ शब्द नहीं थे। यह हिम्मत, त्याग और उम्मीद का स्रोत था। कई लोग दिल में ‘वंदे मातरम’ लिए और हर समय ‘वंदे मातरम’ का नारा लगाते हुए फांसी के फंदे तक गए। सांसद के तौर पर, हमें अपने राष्ट्रीय गीत की 150वीं वर्षगांठ के मौके पर एक खास चर्चा में शामिल होने का सौभाग्य मिला। मुझे खुशी है कि यह राज्यसभा के पीठासीन अधिकारी के तौर पर मेरे पहले सत्र के दौरान हुआ। संसद में यह चर्चा 12 घंटे से ज़्यादा समय तक चली और यह इस सत्र की सबसे दिलचस्प और सार्थक चर्चाओं में से एक थी।”

उन्होंने कहा, “एक और बहुत भावुक कर देने वाला पल था ऐतिहासिक सेलुलर जेल का मेरा दौरा, जहां श्रीमान वीर सावरकर और हमारे कई स्वतंत्रता सेनानियों को अकेले कैद में रखा गया था। सेलुलर जेल के कई बहादुर कैदी ‘वंदे मातरम’ का नारा लगाते हुए और बुलंद आवाज़ में गाते हुए फांसी के फंदे की ओर बढ़े। उनका साहस और बलिदान हमारे देश की हर पीढ़ी को प्रेरित करता रहता है।”

उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की अपनी यात्रा को भी याद किया, जब उन्होंने श्री विजयपुरम के ध्वज बिंदु पर तिरंगा फहराकर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की शुरुआत की थी। श्री विजयपुरम का ध्वज बिंदु वह स्थान है जहां स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने 30 दिसंबर, 1943 को राष्ट्रीय ध्वज फहराकर अंडमान और निकोबार द्वीप समूह को ब्रिटिश शासन से मुक्त घोषित किया था। वहीं, बाइक रैली में देशभक्ति का सशक्त प्रदर्शन किया क्योंकि प्रतिभागियों ने तिरंगा लहराकर राष्ट्र की प्रगति और एकता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की। (इनपुट-आईएएनएस)

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