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पश्चिम एशिया संकट से ATF कीमतों पर दबाव, सरकार एयरलाइंस और OMCs के साथ कर रही चर्चा: राम मोहन नायडू

पश्चिम एशिया संकट के चलते एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों पर पड़ रहे दबाव को लेकर सरकार एयरलाइंस और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) के साथ चर्चा कर रही है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने यह जानकारी दी।

IQFM Symposium 2026 से इतर मीडिया से बातचीत में नायडू ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट और इसके चलते ATF की बढ़ती कीमतें एविएशन सेक्टर के लिए प्रमुख चिंता बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर एयरलाइंस और OMCs दोनों के साथ चर्चा कर रही है।

मंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब IndiGo ने 6 अक्टूबर से की गई सभी नई बुकिंग के लिए फ्यूल चार्ज में बदलाव किया है। एयरलाइन ने कहा कि ATF की बढ़ती कीमतों और पश्चिम एशिया में हालिया भू-राजनीतिक घटनाक्रम के कारण ATF की कीमतें पिछले एक दशक के सबसे ऊंचे स्तरों में पहुंच गई हैं।

IndiGo के मुताबिक, ईंधन कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई है और सबसे हालिया महीने-दर-महीने बढ़ोतरी 14 प्रतिशत से अधिक रही है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नायडू ने क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने में UDAN योजना की भूमिका का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि योजना के तहत एयरलाइंस को वायबिलिटी गैप फंडिंग दी गई, जिससे व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य नहीं होने वाले मार्गों पर भी संचालन को बनाए रखने में मदद मिली। नायडू के अनुसार, पिछले 10 वर्षों में इस योजना के तहत 693 मार्ग शुरू किए गए हैं।

घरेलू एविएशन मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करने के बारे में नायडू ने कहा कि भारत जॉइंट वेंचर के जरिए शुरुआती कदम उठा रहा है। उन्होंने कहा कि Airbus और Boeing जैसी वैश्विक विमान निर्माता कंपनियां भारतीय MSMEs के साथ काम कर रही हैं ताकि उत्पादों की गुणवत्ता बेहतर हो और उन्हें वैल्यू चेन में आगे बढ़ाया जा सके।

नायडू ने बताया कि भारतीय कंपनियां वर्तमान में करीब 4 अरब डॉलर मूल्य के एयरोस्पेस उपकरण और कंपोनेंट्स का निर्माण कर रही हैं। सरकार का लक्ष्य दशक के अंत तक इसे बढ़ाकर 10 अरब डॉलर करने का है।

(इनपुट- एजेंसी)