WHO चीफ का BRICS लीडर्स को बड़ा संदेश: ‘अगली इमरजेंसी से पहले रेज़िलिएंस बनाएं’

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) के डायरेक्टर-जनरल टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयसस ने सोमवार को BRICS नेताओं से अपील की कि अगली स्वास्थ्य आपात स्थिति आने से पहले ही रेज़िलिएंस मजबूत कर लें। उन्होंने स्वास्थ्य सहयोग, नवाचार, रेज़िलिएंस और टिकाऊ स्वास्थ्य वित्तपोषण पर जोर देते हुए कहा कि BRICS समिट की चार थीम सीधे स्वास्थ्य से जुड़ी हैं।

समिट की थीम और स्वास्थ्य का संबंध

एक्स पर पोस्ट करते हुए टेड्रोस ने लिखा कि स्वास्थ्य में प्रगति समिट की सभी चार थीम—रेज़िलिएंस, इनोवेशन, सहयोग और सस्टेनेबिलिटी—को आगे बढ़ा सकती है।
– रेज़िलिएंस: प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा, सर्विलांस, अर्ली वॉर्निंग सिस्टम और स्थानीय उत्पादन को मजबूत करके। 
– इनोवेशन: सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए साइंस, डिजिटल हेल्थ और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके, साथ ही यह सुनिश्चित करते हुए कि इसके फायदे सभी तक पहुंचें। 
– सहयोग: सीमाओं और क्षेत्रों के पार कार्रवाई करके, जिसमें WHO पैंडेमिक एग्रीमेंट के पैथोजन एक्सेस और बेनिफिट शेयरिंग एनेक्स को अंतिम रूप देना शामिल है। 
– सस्टेनेबिलिटी: टिकाऊ स्वास्थ्य वित्तपोषण और एक मजबूत, अधिक सुसंगत वैश्विक स्वास्थ्य ढांचा बनाकर।

BRICS नेताओं से चार प्रमुख मांगें

टेड्रोस ने नेताओं से चार साफ मांगें रखीं: 

1.अगली इमरजेंसी आने से पहले मजबूती तैयार करें। 
2.उन समस्याओं और जगहों पर नवाचार करें जहां बाजार असफल हो जाता है। 
3.सीमाओं और क्षेत्रों के पार सहयोग को व्यावहारिक रूप से लागू करें। 
4.राजनीतिक प्रतिबद्धता, क्रियान्वयन और जवाबदेही के जरिए बनाए गए ढांचे को लंबे समय तक बनाए रखें।

नई दिल्ली घोषणापत्र में स्वास्थ्य पर जोर

शनिवार को अपनाए गए नई दिल्ली घोषणापत्र में BRICS देशों ने वैश्विक स्वास्थ्य पहलों में सहयोग गहरा करने का स्वागत किया और सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (UHC) को मजबूत, समावेशी व लोगों पर केंद्रित तरीके से आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। देशों ने बहुपक्षीय स्वास्थ्य सहयोग बनाए रखने और WHO की समन्वय भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने पैथोजन एक्सेस एंड बेनिफिट-शेयरिंग (PABS) एनेक्स की बातचीत में रचनात्मक भागीदारी जारी रखने का समर्थन किया। चंडीगढ़ में हुई 16वीं BRICS स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक के बाद देशों ने तपेदिक (TB) को गंभीर वैश्विक स्वास्थ्य चुनौती बताया और इसके लिए समन्वित कार्रवाई, शोध में निवेश तथा नवाचार की जरूरत रेखांकित की। बड़े पैमाने पर फैलने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए BRICS इंटीग्रेटेड अर्ली वार्निंग सिस्टम को आगे बढ़ाने वाले सब-वर्किंग ग्रुप की स्थापना का भी स्वागत किया गया।

पारंपरिक चिकित्सा को बढ़ावा

नई दिल्ली घोषणापत्र ने पारंपरिक, कॉम्प्लिमेंटरी और इंटीग्रेटिव मेडिसिन (TCIM) में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को भी मजबूती दी है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, BRICS हेल्थ ट्रैक के तहत TCIM पर एक्सपर्ट वर्किंग ग्रुप बनाने के प्रस्ताव का स्वागत किया गया है। यह समूह सदस्य देशों के बीच ज्ञान साझा करने, शोध मजबूत करने और सबूत-आधारित तरीकों को आगे बढ़ाने का प्लेटफॉर्म बनेगा। आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा, “नई दिल्ली घोषणापत्र में पारंपरिक चिकित्सा को मान्यता देना वैश्विक सहयोग मजबूत करने की दिशा में जरूरी कदम है। भारत वैज्ञानिक शोध, गुणवत्ता आश्वासन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए आयुर्वेद तथा अन्य पारंपरिक प्रणालियों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि सुरक्षित, प्रभावी और सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।” (इनपुट-एजेंसी)

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