आईटी कंपनी विप्रो (Wipro) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का शुद्ध मुनाफा (PAT) तिमाही आधार पर 4.7 प्रतिशत घटकर 3,352 करोड़ रुपये रह गया। हालांकि, सालाना आधार पर मुनाफा लगभग स्थिर रहा।
कंपनी की कुल आय (Revenue) तिमाही आधार पर 1 प्रतिशत और सालाना आधार पर 10.6 प्रतिशत बढ़कर 24,480 करोड़ रुपये पहुंच गई।
पहली तिमाही में आईटी सर्विसेज का ऑपरेटिंग मार्जिन 16 प्रतिशत रहा, जो पिछली तिमाही की तुलना में 1.3 प्रतिशत और पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 1.2 प्रतिशत कम है।
इस दौरान कंपनी का ऑपरेटिंग कैश फ्लो 3.6 प्रतिशत बढ़कर 3,290 करोड़ रुपये हो गया, जो शुद्ध आय का 98 प्रतिशत है। वहीं, कर्मचारियों की स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने की दर (Attrition Rate) 12 महीनों के आधार पर 13.9 प्रतिशत रही।
दूसरी तिमाही (Q2) के लिए कंपनी ने सतर्क अनुमान दिया है। विप्रो के अनुसार, आईटी सर्विसेज कारोबार से होने वाली आय 1.5 प्रतिशत तक घट सकती है या अधिकतम 0.5 प्रतिशत तक बढ़ सकती है।
कंपनी के सीईओ और प्रबंध निदेशक श्रीनी पलिया ने कहा कि ग्राहक अब केवल तकनीक को आधुनिक बनाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि AI आधारित ऑपरेटिंग मॉडल अपना रहे हैं, जिससे गुणवत्ता, उत्पादकता और कार्यक्षमता बेहतर हो रही है। उन्होंने कहा कि विप्रो का AI आधारित कंसल्टिंग मॉडल ग्राहकों के डिजिटल बदलाव में अहम भूमिका निभा रहा है।
कंपनी के बोर्ड ने प्रति शेयर 2 रुपये के अंतरिम लाभांश (Interim Dividend) का भी ऐलान किया है।
गुरुवार को बीएसई पर विप्रो का शेयर 1.83 प्रतिशत बढ़कर 177.80 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, पिछले छह महीनों में शेयर में 33.56 प्रतिशत, एक साल में 32.38 प्रतिशत और पांच वर्षों में 38.49 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। (इनपुट-आईएएनएस)


