पीएम मोदी ने ‘पूर्णमदः पूर्णमिदं’ के संदेश के साथ बताया ज्ञान की अनंतता का अर्थ

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ज्ञान की अनंतता और उसकी अक्षुण्ण पूर्णता पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि सच्चा ज्ञान बांटने से कम नहीं होता, बल्कि और अधिक विस्तृत तथा समृद्ध होता जाता है।

उन्होंने कहा कि मौजूदा ज्ञान से सीखना और नए परिणाम उत्पन्न करना अनंत नई संभावनाओं और नवाचारों को जन्म देता है, जबकि मूल बुद्धिमत्ता वही रहती है।

पीएम मोदी ने ईशा उपनिषद के शाश्वत ज्ञान का उल्लेख करते हुए कही यह बात 

प्रधानमंत्री ने ईशा उपनिषद के शाश्वत ज्ञान का उल्लेख करते हुए सोशल मीडिया एक्स पर संस्कृत श्लोक साझा किया,“पूर्णमदः पूर्णमिदं पूर्णात् पूर्णमुदच्यते।पूर्णस्य पूर्णमादाय पूर्णमेवावशिष्यते॥”

इसका अर्थ क्या है 

इसका अर्थ है कि परम सत्य या ब्रह्म अनंत और अखंड है। उससे सृष्टि की उत्पत्ति होने पर भी उसकी पूर्णता में कोई कमी नहीं आती। यह श्लोक हमें सिखाता है कि ज्ञान, ऊर्जा और सृजनशीलता जितनी अधिक बांटी जाए, उतनी ही बढ़ती है; उसकी मूल सत्ता सदैव पूर्ण और अविनाशी रहती है। (इनपुट-एजेंसी)

RELATED ARTICLES

2 hours ago | BJP Government

पश्चिम बंगाल में मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी पूरी, सोमवार सुबह 11 बजे 35 मंत्री लेंगे शपथ

पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार के गठन का दूसरा चरण सोमवार को पूरा होने जा रहा है। सोमवार को मंत्रि...

5 hours ago | financial inclusion

पीएम स्वनिधि योजना ने स्ट्रीट वेंडर्स को दिया सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का नया आधार : मनोहर लाल

केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी...