विश्व पर्यटन दिवस 2025 : भारत की सांस्कृतिक उड़ान, सतत विकास का सम्मान

दुनियाभर में 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस मनाया जाने वाला है। वहीं भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी नीतियों और सतत विकास के विजन ने यहां के पर्यटन क्षेत्र को वैश्विक मंच पर एक नई पहचान दी है। उनकी नीतियां न केवल आर्थिक समृद्धि का आधार बनी हैं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य को विश्व पटल पर चमकाने का माध्यम भी बनी। विश्व पर्यटन दिवस, जो हर साल 27 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन (यूएनडब्ल्यूटीओ) की पहल पर मनाया जाता है, इसे पहली बार 1980 में मनाया गया था। भारत के लिए एक अवसर है कि वह अपनी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और सतत पर्यटन की यात्रा को प्रदर्शित करे। 2025 की थीम “पर्यटन और सतत परिवर्तन” पीएम मोदी के “विकास और विरासत” के एजेंडे को साकार करती है। यह कहानी उस भारत की है, जहां हर यात्रा समृद्धि, एकता और सततता की कहानी रच रही है। यह कहानी उस भारत की है, जो पर्यटन के जरिए न केवल आर्थिक समृद्धि हासिल कर रहा है, बल्कि वैश्विक एकता का संदेश भी दे रहा है।

पर्यटन की आर्थिक चमक : भारत का वैश्विक प्रभाव

भारत का पर्यटन क्षेत्र अभूतपूर्व वृद्धि का साक्षी बना है। 2021 में 15.27 लाख विदेशी पर्यटक आगमन (एफटीए) से बढ़कर 2024 में यह 99.52 लाख हो गया। 2025 के अगस्त तक एफटीए 56 लाख और घरेलू पर्यटक यात्राएं 303.59 करोड़ तक पहुंच गईं। वहीं चिकित्सा पर्यटन में भी उछाल आया-2025 के अप्रैल तक 1,31,856 विदेशी मरीज आए, जो कुल एफटीए का 4.1% है। जून 2025 तक इनबाउंड पर्यटन 16.5 लाख और आउटबाउंड 84.4 लाख यात्रियों पर पहुंचा, जिससे 51,532 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा आय हुई। राष्ट्रीय लेखा सांख्यिकी 2025 के मुताबिक 2023-24 में पर्यटन ने जीडीपी में 15.73 लाख करोड़ रुपये (5.22%) का योगदान दिया। पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे के मुताबिक, इस क्षेत्र ने 36.90 मिलियन प्रत्यक्ष और 47.72 मिलियन अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित किए, जो कुल रोजगार का 13.34% है। यूनियन बजट 2025-26 में पर्यटन के लिए 2,541.06 करोड़ रुपये का आवंटन इंफ्रास्ट्रक्चर और कौशल विकास को मजबूत कर रहा है।

स्वदेश दर्शन और प्रसाद : पर्यटन का सांस्कृतिक और आध्यात्मिक उत्थान

2014-15 में शुरू स्वदेश दर्शन योजना ने थीमैटिक पर्यटन सर्किट विकसित किए। 76 परियोजनाओं को 5,290.30 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली, जिनमें 75 पूरी हो चुकी हैं। स्वदेश दर्शन 2.0 (2023) ने सतत पर्यटन पर फोकस करते हुए 52 परियोजनाओं को 2,108.87 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी। यह योजना उत्तर-पूर्व, तटीय और इको-टूरिज्म को बढ़ावा दे रही है। 2014-15 में शुरू प्रसाद योजना तीर्थ स्थलों पर सुविधाएं बढ़ा रही है। अगस्त 2025 तक 28 राज्यों में 54 परियोजनाओं को 1,168 करोड़ रुपये की सहायता मिली। त्रिपुरा सुंदरी मंदिर का पुनर्विकास और 2024-25 बजट में 50 नए तीर्थ गंतव्यों का प्रस्ताव बौद्ध और आध्यात्मिक पर्यटन को वैश्विक केंद्र बना रहा है।

देखो अपना देश और डिजिटल पहल : पर्यटन का नया आयाम

2020 में शुरू देखो अपना देश पहल ने घरेलू पर्यटन को प्रोत्साहित किया। वेबिनार, क्विज, और सोशल मीडिया के जरिए भारत के गंतव्यों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इंक्रेडिबल इंडिया डिजिटल प्लेटफॉर्म (आईआईडीपी) ने 2024 में 294.76 करोड़ घरेलू यात्राएं लॉग कीं। यह पोर्टल एआई-पावर्ड टूल्स के साथ यात्रा की हर स्टेज-खोज से बुकिंग तक को आसान बनाता है। नेशनल इंटीग्रेटेड डेटाबेस ऑफ हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री (निधि) पोर्टल के तहत होमस्टे को गोल्ड और सिल्वर कैटेगरी में वर्गीकृत किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में 5-10 होमस्टे प्रति गांव क्लस्टर के लिए 5 करोड़ रुपये की सहायता दी जा रही है, जिससे स्थानीय रोजगार बढ़ रहा है।

जीएसटी में राहत : पर्यटन को सस्ता, सुलभ और समृद्ध बनाता भारत

होटलों (7,500 रुपये/दिन से कम) पर जीएसटी दर 12% से घटाकर 5% (बिना इनपुट टैक्स क्रेडिट) करने से मध्यम वर्ग और बजट यात्रियों के लिए यात्रा सुलभ हुई। यह सुधार वैश्विक पर्यटन स्थलों के साथ भारत को प्रतिस्पर्धी बनाता है। इससे वीकेंड यात्रा, तीर्थ सर्किट, और इको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। नए मिड-सेगमेंट होटल, होमस्टे, और गेस्टहाउस में निवेश से रोजगार और बुनियादी ढांचा मजबूत होगा।

विशेष पर्यटन क्षेत्र : विविधता का उत्सव

सरकार ने उत्सव पोर्टल के जरिए फेस्टिवल टूरिज्म को बढ़ावा दिया, जो त्योहारों और लाइव दर्शन को हाइलाइट करता है। एडवेंचर टूरिज्म के लिए 120 नए पर्वत शिखर खोले गए। “इंडिया सेज आई डू” और “वेड इन इंडिया” कैंपेन भारत को वैश्विक वेडिंग डेस्टिनेशन बना रहे हैं। क्रूज भारत मिशन ने 2024-25 में रिवर क्रूज को 19.4% बढ़ाया, और 2027 तक 14 राज्यों में 51 नए सर्किट प्रस्तावित हैं। “हील इन इंडिया” पहल आयुर्वेद और योग के साथ चिकित्सा पर्यटन को बढ़ावा दे रही है, जो भारत को किफायती स्वास्थ्य देखभाल का केंद्र बना रहा है।

सतत पर्यटन, विकसित भारत की नींव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों और विजन ने भारत के पर्यटन क्षेत्र को सतत परिवर्तन का प्रतीक बनाया है। स्वदेश दर्शन, प्रसाद, और डिजिटल पहलों ने पर्यटन को समावेशी, लचीला, और पर्यावरण-अनुकूल बनाया। 73% भारतीय पर्यटक सतत पर्यटन को प्राथमिकता दे रहे हैं, जो वैश्विक औसत से अधिक है। विश्व पर्यटन दिवस 2025 भारत के लिए एक मंच है, जहां वह अपनी सांस्कृतिक धरोहर और आर्थिक शक्ति को विश्व के सामने प्रदर्शित कर रहा है।