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शी जिनपिंग ने एपेक नेताओं के 31वें अनौपचारिक सम्मेलन को किया संबोधित, कहा- 2026 में एपेक की मेजबानी करेगा चीन

एपेक नेताओं का 31वां अनौपचारिक सम्मेलन 16 नवंबर को पेरू की राजधानी में लीमा सम्मेलन केंद्र में आयोजित हुआ। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने इसमें हिस्सा लिया और ‘युग की जिम्मेदारी साझा कर एशिया-प्रशांत का विकास बढ़ाएं’ विषय पर भाषण दिया। 

एपेक के प्रोत्साहन से एशिया-प्रशांत क्षेत्र का हुआ विकास 

शी जिनपिंग ने कहा कि दशकों से एपेक के प्रोत्साहन में एशिया-प्रशांत क्षेत्र का बड़ा विकास हुआ। इससे यह विश्व अर्थव्यवस्था का सबसे गतिशील क्षेत्र और विकास का मुख्य इंजन बना है। अब सदी का अभूतपूर्व परिवर्तन तेजी से हो रहा है। एशिया-प्रशांत सहयोग के सामने भू-राजनीति, एकपक्षवाद और संरक्षणवाद बढ़ने की चुनौतियां हैं। इतिहास के चौराहे पर खड़े एशिया-प्रशांत के विभिन्न देशों को एकजुट होकर सहयोग करने के साथ जिम्मेदारी निभानी चाहिए, ताकि एशिया-प्रशांत साझे भविष्य वाले समुदाय का निर्माण कर एशिया-प्रशांत के विकास का नया अध्याय शुरू किया जा सके।

इसके लिये शी जिनपिंग ने तीन सुझाव पेश किये। पहला, खुला और समावेशी एशिया-प्रशांत सहयोग ढांचा स्थापित करें। दूसरा, हरित और नवाचार एशिया-प्रशांत वृद्धि की गतिज ऊर्जा तैयार करें और तीसरा, समावेशी और सहिष्णु एशिया-प्रशांत विकास अवधारणा मजबूत करें।

सुधार और खुलापन दुनिया के साझे विकास की ऐतिहासिक प्रक्रिया

शी जिनपिंग ने कहा कि सुधार और खुलापन चीन और दुनिया के साझे विकास की ऐतिहासिक प्रक्रिया है। 20वीं सीपीसी केंद्रीय समिति के तीसरे पूर्णाधिवेशन में सुधार के 300 से अधिक महत्वपूर्ण कदम पेश किए गए। चीन का विकास एशिया-प्रशांत और दुनिया के विकास के लिये अधिक नये अवसर देगा। चीन के विकास में सभी पक्षों का स्वागत है, ताकि शांतिपूर्ण विकास, आपसी लाभ वाले सहयोग और समान समृद्धि के विभिन्न देशों के आधुनिकीकरण बढ़ाने में समान प्रयास किया जा सके।

2026 में एपेक की मेजबानी करेगा चीन

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 16 नवंबर को आयोजित एपेक नेताओं के 31वें अनौपचारिक सम्मेलन में घोषणा की कि चीन वर्ष 2026 में एपेक का मेजबान बनेगा। चीन विभिन्न पक्षों के साथ एशिया-प्रशांत सहयोग मजबूत करना चाहता है, ताकि एशिया-प्रशांत क्षेत्र के लोगों को लाभ पहुंच सके। 

एपेक है एशिया-प्रशांत क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण आर्थिक सहयोग व्यवस्था 

इस बारे में चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने संवाददाता के सवालों के जवाब दिए। उन्होंने कहा कि एपेक एशिया-प्रशांत क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण आर्थिक सहयोग व्यवस्था है। चीन ने एशिया-प्रशांत सहयोग बढ़ाने के दृष्टिकोण से वर्ष 2026 में एपेक सम्मेलन का आयोजन करने का आवेदन दिया। एपेक के सदस्यों ने चीन के आवेदन का स्वागत किया और वर्तमान एपेक नेताओं के सम्मेलन में इसकी मंजूरी दी गई।

2026 में चीन तीसरी बार बनेगा एपेक का मेजबान 

प्रवक्ता ने कहा कि चीन हमेशा एशिया-प्रशांत सहयोग पर ध्यान देता है। चीन ने वर्ष 2001 और 2014 में एपेक सम्मेलन का आयोजन किया था। वर्ष 2026 में चीन तीसरी बार एपेक का मेजबान बनेगा। चीन सम्मेलन के आयोजन से जुड़े मामलों पर विभिन्न पक्षों के साथ संपर्क और सहयोग मजबूत करना चाहता है। इसके साथ चीन वर्ष 2040 पुत्रजया विजन का कार्यान्वयन करने, एशिया-प्रशांत साझे भाग्य वाले समुदाय और एशिया-प्रशांत मुक्त व्यापार क्षेत्र का निर्माण करने और विभिन्न क्षेत्रों में व्यावहारिक सहयोग की उपलब्धियां बढ़ाने में विभिन्न पक्षों के साथ सहयोग करना चाहता है, ताकि एशिया-प्रशांत क्षेत्र, यहां तक कि पूरी दुनिया की आर्थिक वृद्धि में नई उम्मीद जग सके।

आईएएनएस

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