08/12/25 | 4:54 pm

Print

योगी सरकार का विजन 2047: यूपी के नगरीय क्षेत्र बनेंगे हरित और जलवायु-संवेदनशील, स्वच्छता और पर्यावरण पर जोर

उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने के लिए प्रयासरत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार विजन 2047 के अंतर्गत एक व्यापक कार्ययोजना पर काम कर रही है। प्रदेश के नगरीय आवासीय क्षेत्रों को स्वच्छ, सुरक्षित, हरित तथा जलवायु के अनुकूल बनाने की दिशा में रोडमैप तैयार किया जा रहा है।

नगरीय क्षेत्रों के मोहल्लों को जलवायु एवं पर्यावरण-समावेशी स्वरूप देने की रणनीति पर काम

इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों के मोहल्लों को जलवायु एवं पर्यावरण-समावेशी स्वरूप देने की रणनीति पर काम हो रहा है, ताकि आम नागरिकों को बेहतर जीवन स्तर, शुद्ध हवा, सुरक्षित जलापूर्ति और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। प्रदेश सरकार का उद्देश्य शहरी विकास को केवल सड़कों और भवनों तक सीमित न रखते हुए उसे पर्यावरण संतुलन और जनस्वास्थ्य से जोड़ना है। यह पूरी कार्ययोजना दो प्रमुख आधारों पर केंद्रित है- पहला, जलवायु सहिष्णु हरित अवसंरचना का विस्तार और दूसरा, जल सुरक्षा एवं पारिस्थितिकीय संतुलन को मजबूत बनाना। इन्हीं दो स्तंभों के माध्यम से प्रदेश के शहरी आवासीय क्षेत्रों का व्यापक कायाकल्प किया जाएगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने पर फोकस कर रही है। योजना के अनुसार, प्रत्येक नगरी क्षेत्र के लिए सिटी सेंट्रिक क्लाइमेट एक्शन प्लान तैयार किया जा रहा है, जिसके माध्यम से वर्षा, तापमान, जलभराव, वायु प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन जैसी स्थानीय जलवायु चुनौतियों का आकलन कर उनके समाधान लागू किए जाएंगे।

नगरों में पार्क, हरित पट्टियां, हरित गलियारे और खुले हरित क्षेत्र विकसित किए जाएंगे

कार्ययोजना के अनुसार, नगरीय हरित आवरण बढ़ाने के लिए कई पहलों को बड़े पैमाने पर जमीन पर उतारा जाएगा। इसके अंतर्गत नगरों में पार्क, हरित पट्टियां, हरित गलियारे और खुले हरित क्षेत्र विकसित किए जाएंगे, जिससे आवासीय इलाकों में शुद्ध हवा, तापमान संतुलन और पर्यावरणीय स्वास्थ्य बेहतर हो सके। साथ ही, मोहल्ला स्तर पर जलवायु नियोजन लागू किया जाएगा, ताकि स्थानीय समस्याओं- जैसे जलभराव, बाढ़, अत्यधिक गर्मी और प्रदूषण की नियमित मॉनिटरिंग कर रियल टाइम में कार्ययोजना क्रियान्वित की जा सके और प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो सके।

इस योजना का दूसरा मुख्य उद्देश्य जल सुरक्षा और पारिस्थितिकीय सततता को सुदृढ़ करना है। इसके तहत शहरों के तालाबों, झीलों और जलाशयों के पुनरुद्धार की योजनाएं लागू की जाएंगी, जिससे वर्षभर जल की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। वर्षा जल संचयन को प्रत्येक आवासीय क्षेत्र में विशेष रूप से बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि भूजल स्तर में सुधार लाया जा सके।

कूड़ा निस्तारण के लिए विकेंद्रीकृत अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली विकसित करने पर भी फोकस

प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में कूड़ा निस्तारण के लिए विकेंद्रीकृत अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली विकसित करने पर भी फोकस है। कार्ययोजना के अनुसार, मोहल्ला स्तर पर कचरे के पृथक्करण, प्रसंस्करण और निस्तारण की व्यवस्था लागू होगी, जिससे स्थायी स्वच्छता सुनिश्चित होगी, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और प्रदूषण में व्यापक कमी आएगी।

प्रदेश सरकार का मानना है कि इन सभी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से उत्तर प्रदेश के नगरीय आवासीय क्षेत्र न केवल पर्यावरण-अनुकूल बनेंगे, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ, सुरक्षित और स्वच्छ जीवन की मजबूत नींव तैयार करेंगे। यह मॉडल देश के अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणास्रोत साबित होगा। (इनपुट-आईएएनएस)