क्रेडिट कार्ड से खर्च में 6.2% की गिरावट, सितंबर में कुल खर्च ₹2 लाख करोड़ रहा: जेफरीज

भारत में क्रेडिट कार्ड की संख्या में बढ़ोतरी जारी है, लेकिन सितंबर 2026 में इनके जरिए कुल खर्च सालाना आधार पर 6.2 प्रतिशत घट गया। जेफरीज की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल GST से जुड़ी खरीदारी और त्योहारों का सीजन पहले आने के कारण खर्च का आधार ऊंचा था, जिसका असर इस बार की सालाना वृद्धि पर पड़ा।

रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर 2026 में देश में कुल क्रेडिट कार्ड की संख्या बढ़कर 12.38 करोड़ हो गई। इसमें सालाना आधार पर 9.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि अगस्त में यह वृद्धि 9 प्रतिशत थी।

सितंबर में क्रेडिट कार्ड के जरिए कुल खर्च सालाना आधार पर 6.2 प्रतिशत घटा, जबकि अगस्त में इसमें 5.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी। हालांकि, मासिक आधार पर कुल खर्च 0.7 प्रतिशत बढ़कर करीब 2 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया।

जेफरीज की रिपोर्ट में कहा गया कि सालाना आधार पर खर्च में गिरावट मुख्य रूप से पिछले साल के ऊंचे बेस के कारण रही। उस समय GST से जुड़ी खरीदारी और त्योहारों का सीजन पहले आने से खर्च को बढ़ावा मिला था।

SBI Cards की बाजार हिस्सेदारी 19%

रिपोर्ट के मुताबिक, SBI Cards की क्रेडिट कार्ड संख्या में सालाना वृद्धि अगस्त के 7.6 प्रतिशत से मामूली बढ़कर सितंबर में 7.7 प्रतिशत हो गई। कंपनी की कुल बाजार हिस्सेदारी 19 प्रतिशत पर बनी रही।

SBI Cards ने सितंबर में 2.1 लाख नए कार्ड जोड़े, जबकि अगस्त में यह संख्या 1.9 लाख थी। सितंबर में इंडस्ट्री में जोड़े गए नए कार्डों में कंपनी की हिस्सेदारी करीब 18 प्रतिशत रही।

अन्य प्रमुख बैंकों में HDFC Bank और ICICI Bank के क्रेडिट कार्ड की संख्या सालाना आधार पर 8-8 प्रतिशत बढ़ी। Axis Bank में 7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि IndusInd Bank के कार्ड की संख्या में 6 प्रतिशत की गिरावट आई।

SBI Cards के खर्च में 14% की गिरावट

जेफरीज के अनुसार, SBI Cards के जरिए सितंबर में कुल खर्च सालाना आधार पर 14 प्रतिशत घटा। इंडस्ट्री के कुल खर्च में कंपनी की हिस्सेदारी मासिक आधार पर 33 बेसिस पॉइंट घटकर 17.2 प्रतिशत रह गई।

ऑनलाइन खर्च में SBI Cards की हिस्सेदारी 84 बेसिस पॉइंट घटकर 16 प्रतिशत पर आ गई। इसके उलट, पॉइंट ऑफ सेल (POS) यानी दुकानों पर कार्ड से होने वाले खर्च में कंपनी की हिस्सेदारी 52 बेसिस पॉइंट बढ़कर 18.5 प्रतिशत हो गई।

दूसरी ओर, HDFC Bank की कुल क्रेडिट कार्ड खर्च में हिस्सेदारी मासिक आधार पर 167 बेसिस पॉइंट बढ़कर 32 प्रतिशत पहुंच गई। ICICI Bank की हिस्सेदारी 81 बेसिस पॉइंट घटकर 15 प्रतिशत रही, जबकि Axis Bank की हिस्सेदारी करीब 11 प्रतिशत पर स्थिर रही।

प्रति कार्ड खर्च में भी दिखा अंतर

रिपोर्ट के अनुसार, SBI Cards पर प्रति कार्ड औसत खर्च सितंबर में घटकर 15,100 रुपये रह गया, जो अगस्त में 15,400 रुपये था। यह इंडस्ट्री के औसत 16,400 रुपये से कम रहा।

SBI Cards पर ऑनलाइन खरीदारी का औसत टिकट साइज 2,400 रुपये पर स्थिर रहा, जबकि इंडस्ट्री का औसत 4,100 रुपये था। वहीं, POS ट्रांजैक्शन का औसत टिकट साइज अगस्त के 5,400 रुपये से बढ़कर 5,900 रुपये हो गया। यह इंडस्ट्री के औसत 2,700 रुपये से अधिक था।

HDFC Bank में प्रति कार्ड खर्च अगस्त के 22,600 रुपये से बढ़कर सितंबर में 23,800 रुपये हो गया। हालांकि, अन्य प्रमुख कार्ड जारीकर्ताओं में ज्यादातर के लिए मासिक आधार पर प्रति कार्ड खर्च में नरमी रही।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि अगस्त 2026 में इंडस्ट्री का पिछले तीन महीनों के आधार पर रिसीवेबल्स-टू-स्पेंड्स अनुपात मासिक आधार पर 10 बेसिस पॉइंट बढ़कर 12.3 प्रतिशत हो गया।

डिजिटल रिटेल ट्रांजैक्शन 16.4% बढ़े

व्यापक डिजिटल भुगतान के मोर्चे पर, NEFT को छोड़कर रिटेल डिजिटल ट्रांजैक्शन का कुल मूल्य सालाना आधार पर 16.4 प्रतिशत बढ़कर 44 लाख करोड़ रुपये हो गया।

इसमें क्रेडिट कार्ड की हिस्सेदारी कुल रिटेल डिजिटल खर्च का 4.64 प्रतिशत रही। यह मासिक आधार पर 12 बेसिस पॉइंट बढ़ी, हालांकि पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले इसमें 110 बेसिस पॉइंट की गिरावट दर्ज की गई। (इनपुट-एजेंसी)

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