देश की सीमा सुरक्षा में नया अध्याय: अमित शाह आज लॉन्च करेंगे लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम

देश की सीमा और आंतरिक सुरक्षा को और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज मंगलवार को लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (एलपीएमएस) लॉन्च करेंगे।

एक अधिकारी ने बयान में कहा, “एलपीएमएस एक अत्याधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसे लैंड पोर्ट्स के संचालन को एकीकृत करने के लिए विकसित किया गया है। यह लॉजिस्टिक्स और रेगुलेटरी जानकारी के सुरक्षित तथा रियल-टाइम आदान-प्रदान को संभव बनाता है, जिससे लैंड पोर्ट्स भी एयरपोर्ट और सीपोर्ट पर उपलब्ध आधुनिक डिजिटल प्रणालियों के समकक्ष हो जाएंगे।”

आधिकारिक बयान के अनुसार, यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की स्मार्ट बॉर्डर मैनेजमेंट के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इसका उद्देश्य तकनीक आधारित समाधानों के माध्यम से सीमा-पार व्यापार और यात्रियों की आवाजाही में दक्षता, पारदर्शिता और सुरक्षा को बढ़ावा देना है।

इस अवसर पर, केंद्रीय गृह मंत्री डाकी (मेघालय) और श्रीमंतपुर (त्रिपुरा) लैंड पोर्ट्स पर विभिन्न हितधारकों के लिए निर्मित नई आवासीय सुविधाओं का भी उद्घाटन करेंगे। इससे सीमा क्षेत्रों में कार्यरत सुरक्षा बलों के जवानों और अन्य प्रमुख हितधारकों के लिए आधारभूत सुविधाएं और मजबूत होंगी।

एलपीएमएस की शुरुआत भारत के आधुनिक और टेक्नोलॉजी-बेस्ड स्मार्ट बॉर्डर मैनेजमेंट सिस्टम की ओर बढ़ने की दिशा में एक अहम कदम होगा। यह व्यापार को आसान बनाने, कनेक्टिविटी और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने और ‘2047 तक विकसित भारत’ के लक्ष्य पर देश के रणनीतिक फोकस को दिखाता है।

बयान में कहा गया है, “एक निष्पक्ष और खुले प्लेटफॉर्म के रूप में एलपीएमएस सरकारी एजेंसियों और निजी परिचालकों सहित विभिन्न हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करेगा, जिससे देरी कम होगी और परिचालन क्षमता बढ़ेगी।”

यह प्रणाली कार्गो और यात्रियों की प्रोसेसिंग के लिए एंड-टू-एंड डिजिटल वर्कफ्लो उपलब्ध कराएगी, जिसमें स्लॉट बुकिंग, भुगतान, ट्रैकिंग और सिंगल-विंडो क्लीयरेंस जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

इंडियन कस्टम्स इलेक्ट्रॉनिक डेटा इंटरचेंज गेटवे (आइसगेट), यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (यूएलआईपी) और मोटर व्हीकल इकोसिस्टम जैसे प्रमुख राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म के साथ पूरी तरह से जुड़े होने के कारण, एलपीएमएस सीमा प्रबंधन को अधिक कुशल, पारदर्शी और परस्पर-संगत बनाएगा।

बयान में कहा गया है, “लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एलपीएआई) गृह मंत्रालय के बॉर्डर मैनेजमेंट विभाग के तहत एक वैधानिक संस्था है। यह व्यापार, कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए लैंड पोर्ट्स को विकसित करने और उनका प्रबंधन करने के लिए जिम्मेदार है।”

वर्तमान में एलपीएआई भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर 15 लैंड पोर्ट्स का संचालन करती है। इनमें भारत-पाकिस्तान सीमा पर अटारी (पंजाब) और डेरा बाबा नानक (पंजाब); भारत-नेपाल सीमा पर रुपईडीहा (उत्तर प्रदेश), रक्सौल (बिहार) और जोगबनी (बिहार); भारत-भूटान सीमा पर दरंगा (असम); भारत-बांग्लादेश सीमा पर पेट्रापोल (पश्चिम बंगाल), डाकी (मेघालय), सुतारकांडी, गोलकगंज और मनकाचर (असम), अगरतला, श्रीमंतपुर और सबरूम (त्रिपुरा); और भारत-म्यांमार सीमा पर मोरेह (मणिपुर) शामिल हैं। (इनपुट-आईएएनएस)

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